Arvind Kejriwal: तिहाड़ जेल से सरकार चलाएंगे अरविंद केजरीवाल? पूर्व PRO ने बताया बेहद चुनौतीपूर्ण

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 02 Apr 2024 10:20 PM

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Arvind Kejriwal

Arvind Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में सोमवार को कोर्ट ने 15 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया. सीएम केजरीवाल तिहाड़ जेल नंबर 2 में 15 अप्रैल तक रहेंगे. इस दौरान उनपर 24 घंटे CCTV की नजर होगी. उन्हें बैरक में अकेले रखा गया है. केजरीवाल को भले ही तिहाड़ जेल भेज दिया गया है, लेकिन अबतक उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है. अब सवाल उठता है कि तिहाड़ से अरविंद केजरीवाल दिल्ली की सरकार कैसे चलाएंगे. उन्हें सरकार चलाने में कौन-कौन सी परेशानियां आएंगीं.

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Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को उनकी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत में पेश किया गया. जहां से कोर्ट ने उन्हें 15 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. ईडी ने अदालत से केजरीवाल को 15 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पूछताछ के दौरान ‘बिल्कुल सहयोग’ नहीं किया.

जेल से सरकार चलाने में क्या होगी दिक्कत, क्या केजरीवाल को देना होगा इस्तीफा?

तिहाड़ जेल में शिफ्ट होने के बाद दिल्ली की सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. अरविंद केजरीवाल अबतक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिए हैं. वैसे में तिहाड़ जेल से वो कैसे सरकार चलाएंगे, ये बड़ा सवाल है. जेल से सरकार चलाने की प्रक्रिया पर तिहाड़ जेल के पूर्व पीआरओ सुनील कुमार गुप्ता ने कहा, यह बेहद चुनौतीपूर्ण होगा. सीएम के साथ एक निजी स्टाफ होना चाहिए. 16 जेल हैं, इनमें से किसी में भी ऐसी कोई सुविधा नहीं है जहां से मुख्यमंत्री सरकार चला सकेंगे. इसके लिए सारे नियम तोड़ने पड़ते हैं. कोई भी इतने सारे नियमों को तोड़ने की इजाजत नहीं देगा.

सरकार चलाने का मतलब सिर्फ फाइलों पर हस्ताक्षर करना नहीं

तिहाड़ जेल के पूर्व पीआरओ सुनील कुमार गुप्ता ने कहा, सरकार चलाने का मतलब सिर्फ फाइलों पर हस्ताक्षर करना नहीं है. सरकार चलाने के लिए कैबिनेट की बैठकें बुलाई जाती हैं, मंत्रियों से सलाह ली जाती है और बहुत सारे कर्मचारी होते हैं, एलजी के साथ बैठकें या टेलीफोन पर बातचीत होती है. जेल में टेलीफोन की सुविधा नहीं है. इसके अलावा बहुत सारी जनता मुख्यमंत्री से मिलने आती है अपनी शिकायतें लेकर. लोगों से मिलना मुख्यमंत्री की ड्यूटी का सबसे अहम पार्ट होता है. ये सारी चीजें बहुत मुश्किल हैं, जेल में रहते हुए.

जेल में सीएम कार्यालय बनाना असंभव

तिहाड़ जेल के पूर्व पीआरओ सुनील कुमार गुप्ता न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए कहा, जेल में सीएम कार्यालय बनाना असंभव है. जेल प्रशासन किसी भी जगह को स्पेशल जेल डिक्लेयर कर सकता है. अगर वो चाहें, तो घर को भी जेल डिक्लेयर कर सकते हैं. ऑफिस को भी जेल डिक्लेयर कर सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो मुख्यमंत्री केवल फाइलों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. लेकिन इसमें भी बड़ी परेशानी हो सकती है, क्योंकि जिस जगह को स्पेशल जेल बनाया जाएगा, वहां भी स्टाफ रखना होगा. हर किसी को मुख्यमंत्री से मिलने की इज्जाजत नहीं होगी. सुप्रीम कोर्ट से पूछने के बाद ही स्टाफ किसी को मिलने की अनुमति देगा. उन्होंने बताया जेल में कैदी हर दिन 5 मिनट के लिए अपने परिवार से बात कर सकते हैं और यह सब रिकॉर्ड किया जाता है.

कैदी को अतिरिक्त सुविधा मिलने पर हो सकती है कार्रवाई

तिहाड़ जेल के पूर्व पीआरओ सुनील कुमार गुप्ता ने बताया, जेल नियम के अनुसार किसी भी कैदी को अतिरिक्त सुविधा नहीं दी जा सकती है. कैदी जेल प्रशासन की स्पेशल निगरानी में रहता है. उसके जेल मैनुअल में जो दिया गया, उसी के अनुसार सुविधाएं मिल सकती हैं, अगर कोई भी अतिरिक्त सुविधाएं दी जाती हैं, तो जेल प्रशासक या कोर्ट एक्शन ले सकता है. उन्होंने सत्येंद्र जैन का उदाहरण दिया. दिल्ली सरकार में जेल मंत्री रहते सत्येंद्र जैन तिहाड़ जेल पहुंचे थे. उन्हें अतिरिक्त सुविधाएं देने पर एक्शन हो रहा है. तो वैसी स्थिति में कोई भी अतिरिक्त सुविधा देने से बचता है.

केजरीवाल देश के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं, तो पद पर रहते हुए जेल गए

अरविंद केजरीवाल देश के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्हें पद पर बने रहते गिरफ्तार किया गया. साथ ही पद पर रहते हुए जेल भी गए. इससे पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी ने गिरफ्तार किया था, तो गिरफ्तारी से पहले हेमंत सोरेन ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया था. एक और मामला बिहार से भी है. जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को जब गिरफ्तार किया गया था, तो उन्होंने गिरफ्तारी से पहले पद से इस्तीफा दे दिया था और अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बना दिया था.

ईडी ने अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को किया था गिरफ्तार

गौरतलब है कि ईडी ने शराब घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. अगले दिन विशेष न्यायाधीश बवेजा ने उन्हें 28 मार्च तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था. बाद में कोर्ट ने 1 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेज दिया था. ईडी ने ‘आप’ नेता पर “दिल्ली शराब घोटाले की पूरी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है जिसमें नीति बनाना, लागू करना, फायदा पहुंचाना, रिश्वत लेना और अपराध से अर्जित पैसे का इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनाव में करना शामिल है.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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