दिल्ली हाई कोर्ट में केजरीवाल की जोरदार बहस, कहा- CBI और ED की हर गुजारिश फैसले में बदल जाती है

Published by :ArbindKumar Mishra
Published at :13 Apr 2026 4:50 PM (IST)
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Arvind Kejriwal Delhi High Court

दिल्ली हाई कोर्ट से बाहर निकलते केजरीवाल, फोटो एक्स

Arvind Kejriwal: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल समेत अन्य लोगों की याचिका पर सुनवाई की. केजरीवाल ने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को अलग करने की मांग की है. यहां देखें केजरीवाल और जज के बीच क्या-क्या बहस हुई.

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Arvind Kejriwal: केजरीवाल ने अपनी याचिका पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष दलील दी. इस दौरान कोर्ट और केजरीवाल के बीच जोरदार बहस हुई. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री तेजतर्रार वकील की तरह नजर आए. उन्होंने खुद अपनी पैरवी की. केजरीवाल ने कहा- एक ऐसा पैटर्न उभर रहा है, जिसमें CBI और ED के हर दावे को मान लिया जा रहा है. कोर्ट से निकलने के बाद केजरीवाल ने मीडिया से कोई बात नहीं की. उन्होंने कहा- मुझे जो कुछ भी कहना था, मैंने कोर्ट में कह दिया है; मैं मीडिया में कुछ भी नहीं कहूंगा.

केजरीवाल: ऐसा लगता है कि CBI और ED की हर गुजारिश फैसले में बदल जाती है.

बेंच: मुझे यह दलील समझ नहीं आई.

केजरीवाल: जब भी वे दलील देते हैं, उसे मान लिया जाता है और उनके पक्ष में आदेश जारी कर दिए जाते हैं.

केजरीवाल: CBI और ED ने कहा कि हम भ्रष्ट हैं, और अदालत ने मान लिया कि हम भ्रष्ट हैं.

केजरीवाल: जिस तरह से ED और CBI ने पहले गवाहों को गिरफ्तार किया, फिर उनसे सौदेबाजी की, और उसके बाद दूसरों का नाम लेते हुए बयान दर्ज करवाए—इस पर इस अदालत ने भी टिप्पणी की है. गवाहों के बयानों को लेकर अदालत की टिप्पणियां ऐसी थीं, मानो मुझे दोषी और भ्रष्ट ही मान लिया गया हो.

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के साथ केजरीवाल की हुई बहस

केजरीवाल: एक संगठन है, अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद. माननीय न्यायाधीश, आप कई बार इसके कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं. हम इसकी विचारधारा का जोरदार और खुले तौर पर विरोध करते हैं, और यह एक राजनीतिक मामला है.

केजरीवाल: यह देखते हुए कि माननीय न्यायाधीश, आप एक विशेष विचारधारा से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं, इससे पक्षपात की एक उचित आशंका पैदा होती है कि, एक विरोधी विचारधारा से होने के कारण, मुझे निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिल पाएगी.

कोर्ट: एक आरोपी ने तो उन कार्यक्रमों के लिंक भी दिए हैं. सवाल यह है—जब मैं उनमें शामिल हुआ, तो क्या मैंने कोई राजनीतिक या वैचारिक बयान दिया, या वे पूरी तरह से कानूनी कार्यक्रम थे?

केजरीवाल: महज इस तथ्य से कि अदालत उन कार्यक्रमों में शामिल हुई, एक उचित आशंका पैदा होती है.

कोर्ट: आपको सुनना सुखद रहा… आपने बहुत अच्छी दलीलें दीं।

केजरीवाल : कोर्ट का धन्यवाद करते हैं.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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