अरुणाचल हेलीकॉप्टर दुर्घटना : 5वें और अंतिम शव बरामदगी के साथ ही तलाशी और बचाव अभियान समाप्त
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 22 Oct 2022 7:04 PM
दुर्घटना से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को एक तकनीकी या यांत्रिक विफलता का सुझाव देते हुए मई दिवस का कॉल आया था. डिफेंस पीआरओ ने एक बयान में कहा कि यह कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का फोकस बनेगा.
तेजपुर (असम) : अरुणाचल प्रदेश में हेलीकॉप्टर दुर्घटना मामले में पांचवां शव बरामद होने के साथ तलाशी और बचाव अभियान को समाप्त कर दिया गया है. सेना के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि पांचवें और अंतिम शव की बरामदगी के साथ ही अरुणाचल प्रदेश में 21 अक्टूबर को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में खोज एवं बचाव अभियान समाप्त हो गया है. जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) (तेजपुर) ने कहा कि भारतीय सेना और वायु सेना ने शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए अपडेटेड हल्के हेलीकॉप्टर (एएचएल) में सवार पांचवें सैन्य कर्मियों के शवों को बरामद करने के बाद शनिवार को तलाशी समाप्त कर दी.
रिपोर्टों के अनुसार, सेना के तीन जवान पैदल ही अभियान चला रहे थे, जबकि एक एमआई17 और दो एएलएच हेलीकॉप्टरों को जवानों का पता लगाने के लिए लगाया गया था. इंडियन आर्मी एविएशन एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (वेपन सिस्टम्स इंटीग्रेटेड) – एएलएच डब्ल्यूएसआई, लिकाबली (असम) में स्थित है, जिसमें पांच कर्मी सवार थे, शुक्रवार को सुबह 10:43 बजे सिंगिंग गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. यह ऊपरी में टुटिंग मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर है. अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में शुक्रवार को हेलीकॉप्टर ने निचले सियांग जिले के लिकाबली से उड़ान भरी थी.
इससे पहले रक्षा पीआरओ ने कहा था कि चार सैन्य कर्मियों के शव बरामद कर लिए गए हैं और दुर्घटना में एक के लापता होने की सूचना है. अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना की जांच के लिए गठित कोर्ट ऑफ इंक्वायरी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) द्वारा प्राप्त ‘मई दिवस’ कॉल पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिसमें हेलीकॉप्टर में तकनीकी या यांत्रिक विफलता का सुझाव दिया गया था.
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विज्ञप्ति में कहा गया है कि दुर्घटना से पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को एक तकनीकी या यांत्रिक विफलता का सुझाव देते हुए मई दिवस का कॉल आया था. डिफेंस पीआरओ ने एक बयान में कहा कि यह कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का फोकस बनेगा, जिसे दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए तुरंत गठित किया गया है. इससे पहले इस साल 5 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके के पास चीता हेलीकॉप्टर दुर्घटना में भारतीय सेना के एक पायलट की मौत हो गई थी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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