अगर जेल जाने से पहले केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया होता तो… PM-CM से जुड़े नए बिल पर अमित शाह का बड़ा बयान

Published by : Pritish Sahay Updated At : 22 Aug 2025 8:17 PM

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Amit Shah : PM-CM से जुड़े नए बिल पर अमित शाह का बड़ा बयान

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल का नाम लेकर PM-CM बिल पर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री जेल जाने के बाद भी सरकार चला रहे थे. शाह ने कहा कि अगर जेल जाने के बाद केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया होता, तो आज इस कानून की जरूरत ही नहीं होती. उन्होंने यह भी कहा कि यह बिल किसी पार्टी के लिए नहीं है. ये बिल भाजपा के मुख्यमंत्रियों पर भी लागू होगा और प्रधानमंत्री पर भी लागू ​होगा.

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Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने केरल दौरे के दौरान PM-CM से जुड़े नए बिल का जिक्र किया. उन्होंने दिल्ली के पूर्व सीएम केजरीवाल के नाम का जिक्र करते हुए कहा कि हाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोपों में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और जेल जाने के बाद उनके इस्तीफा देने से इनकार कर दिया. अमित शाह ने कहा ‘‘एक ऐसी घटना हुई थी जहां एक मुख्यमंत्री जेल से सरकार चला रहे थे. तो क्या संविधान में संशोधन होना चाहिए या नहीं? उस समय भी भाजपा की सरकार थी, लेकिन हमें ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा.’’ उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी के बाद इस्तीफा दे दिया होता, तो यह नया विधेयक पेश नहीं किया जाता.

यह बिल किसी पार्टी के लिए नहीं है- अमित शाह

अमित शाह ने कार्यक्रम में कहा कि बिल को लेकर विपक्ष का सवाल है कि ऐसा प्रावधान पहले क्यों नहीं लाया गया. उन्होंने कहा कि पहले ऐसा होता ही नहीं था. संविधान बनाने वालों ने इसकी कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसे भी लोग होंगे जो जेल जाने के बाद भी इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि कई ऐसे उदाहरण है जिसमें जेल जाने से पहले मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि यह बिल किसी पार्टी के लिए नहीं है.बीजेपी के मुख्यमंत्रियों पर भी यह लागू होगा. प्रधानमंत्री पर भी यह लागू ​होगा.

राहुल गांधी पर भी शाह ने बोला हमला

केरल में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए शाह ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और दावा किया कि कांग्रेस नेता ने 2013 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की ओर से पेश किए गए एक अध्यादेश को फाड़ दिया था, जिसका उद्देश्य अयोग्य ठहराए गए या किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए सांसदों और विधायकों को राहत प्रदान करना था. शाह ने कहा ‘‘उस समय, मनमोहन सिंह द्वारा लालू प्रसाद की मदद के लिए यह अध्यादेश लाया गया था. राहुल गांधी ने नैतिकता के नाम पर कैबिनेट द्वारा अनुमोदित अध्यादेश की प्रति सार्वजनिक रूप से फाड़ दी थी. वही राहुल गांधी अब गांधी मैदान में लालू जी को गले लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं.’’

सदन में पेश किया गया संविधान (130 वां संशोधन) विधेयक

लोकसभा में बुधवार को संविधान संशोधन विधेयक समेत तीन विधेयकों को पेश किया गया. इनमें संविधान (130 वां संशोधन) विधेयक भी है. इस बिल पर सदन में जमकर हंगामा हो रहा है. पेश बिल में गंभीर अपराध के आरोपों में पीएम, सीएम या किसी मंत्री को पद से हटाने का प्रावधान है. कानून बनता है तो इस विधेयक के अनुसार गिरफ्तारी के बाद अगर 30 दिन तक हिरासत में रहते हैं, तो पीएम, सीएम और मंत्री 31वें दिन खुद ही पद से हट जाएंगे. विपक्ष के सदस्यों ने विधेयक को पेश किए जाने पर जोरदार विरोध दर्ज कराया है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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