अमरनाथ तीर्थ- बैद्यनाथ मंदिर और भगवद गीता का ज्ञान... तस्वीरों में देखिए राज्यों की भव्य झांकियों का नजारा

Published by : Pritish Sahay Updated At : 26 Jan 2023 2:25 PM

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आज पूरा देश 74वां गणतंत्र दिवस की खुशी में सराबोर है. कर्तव्य पथ पर पहली बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया. गणतंत्र दिवस के मौके पर मिस्र के राष्ट्रपति अब्लेद फतह अल-सीसी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्यों की ओर से एक से बढ़कर एक झांकियां प्रस्तुत की गईं.

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हरियाणा की ओर से पेश की झांकी भगवद गीता पर आधारित थी. झांकी में भगवान कृष्ण को अर्जुन के सारथी के रूप में सेवा करते हुए और उन्हें गीता का ज्ञान देते हुए दिखाया गया है. वहीं, ट्रेलर के किनारों पर बने पैटर्न महाभारत के युद्ध के विभिन्न दृश्यों को दिखाते हैं.

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कर्नाटक की झांकी में प्रतीकात्मक रूप से राज्य की 3 महिलाओं की उपलब्धि हासिल करने वाली असाधारण उपलब्धियों को दर्शाती हैं. सुलागिट्टी नरसम्मा- एक दाई, तुलसी गौड़ा हलक्की जिन्हें वृक्ष माटे के नाम से जाना जाता है और सालूमरदा थिमक्का समाज में उनके निस्वार्थ योगदान के कारण प्रसिद्ध नाम हैं.

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74वें गणतंत्र दिवस परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की झांकी में नारी शक्ति को दर्शाया.

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गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी में अयोध्या में मनाए जाने वाले तीन दिवसीय दीपोत्सव को दिखाया गया है.

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केरल की पेश की गई झांकी में नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण की लोक परंपराओं को प्रस्तुत किया गया. ट्रैक्टर 2020 में नारी शक्ति पुरस्कार की विजेता कार्त्यायनी अम्मा को चित्रित करता है. उन्हें 96 वर्ष की आयु में साक्षरता परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया था.

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जम्मू और कश्मीर की झांकी में पवित्र अमरनाथ तीर्थ और ट्यूलिप उद्यान और लैवेंडर की खेती को दिखाया गया.

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झारखंड की झांकी में देवघर स्थित प्रसिद्ध बैद्यनाथ मंदिर को दिखाया गया. झांकी में सबसे आगे भगवान बिरसा मुंडा को दर्शाया गया.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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