ePaper

सुकमा नक्सली हमला: बायें कंधे से गोली आर-पार हुई, फिर भी लड़ते रहे जवान

Updated at : 26 Apr 2017 9:37 AM (IST)
विज्ञापन
सुकमा नक्सली हमला: बायें कंधे से गोली आर-पार हुई, फिर भी लड़ते रहे जवान

रायपुर : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सली हमले में अपने 25 साथियों को खोने के बाद घायल जवान का हौसला नहीं टूटा है. जवान अभी भी नक्सलियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है. पश्चिम बंगाल के सौरभ कुमार मलिक उन जवानों में से हैं जिन्होंने सोमवार को नक्सलियों का मुकाबला किया […]

विज्ञापन

रायपुर : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में नक्सली हमले में अपने 25 साथियों को खोने के बाद घायल जवान का हौसला नहीं टूटा है. जवान अभी भी नक्सलियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है. पश्चिम बंगाल के सौरभ कुमार मलिक उन जवानों में से हैं जिन्होंने सोमवार को नक्सलियों का मुकाबला किया है. अभी अस्पताल में भर्ती है. इस घटना में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हुए हैं और सात अन्य घायल हैं. इस लड़ाई में सौरभ के बायें कंधे से गोली आरपार हो गयी है और उनके पैर तथा आंख में भी चोटें आयी हैं. लेकिन, सौरभ का हौसला अभी भी बरकरार है.

सुकमा नक्सली हमला : शहीद के पिता बोले, मेरे और भी बेटे हैं, उन्हें देश की सेवा में जाने से नहीं रोकूंगा

सौरभ कहते हैं कि यदि उन्हें फिर मौका मिलेगा तो फिर जायेंगे लड़ने. वह अभी भी तैयार हैं. घायल जवान ने बताया कि सोमवार को उन्हें सड़क की सुरक्षा में तैनात किया गया था. वह लगभग एक सौ जवानों के साथ सुबह निर्माणाधीन सड़क की सुरक्षा में रवाना हुए थे. दोपहर के करीब वहां अचानक कुछ ग्रामीणों की आवाजाही हुई.

नक्सली कमांडर ‘हिडमा’ ने रची थी हमले की साजिश

एक ग्रामीण वहां मुंह में काला कपड़ा बांधकर घूम रहा था. इस दौरान उससे पूछा गया कि वह यहां क्या कर रहा है. तब उसने कहा कि वह शौच के लिए आया था. उसके बाद वह वहां से चला गया. वहां अन्य गांव वाले भी आना जाना कर रहे थे. सौरभ कहते हैं कि अक्सर होता है कि जब जवान ड्यूटी पर निकलते हैं तब गांव वाले महुआ एकत्र करने और अन्य कार्यों से वहां आते-जाते रहते हैं. ग्रामीणों की आवाजाही को भी जवानों ने रोज की तरह समझा. लेकिन, कुछ देर बाद ही नक्सलियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी, जिसका जवाब जवानों ने भी दिया. इस दौरान वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण थे जो लगातार हल्ला कर रहे थे.

सुकमा हमला : नक्सलियों ने रेकी करायी, रॉकेट लॉन्चर दागे, फिर की ताबड़तोड़ फायरिंग

जवान कहते हैं कि हमेशा होता आया है कि ग्रामीण नक्सलियों का साथ देते हैं. ड्यूटी के दौरान जो ग्रामीण वहां दिखाई देते हैं वह नक्सलियों के ही आदमी होते हैं. उनके पास हथियार नहीं होते, इसलिए यह पता नहीं चल पाता कि वह नक्सली है या नहीं. हम उन्हें कुछ भी नहीं कर सकते हैं. हमें कहा गया है कि ग्रामीणों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.

विस्फोटकयुक्त तीर से भी हमला : जवान मनोज कुमार ने बताया कि नक्सलियों ने लड़ाई में कुछ नयी तकनीक इस्तेमाल की है. उन्होंने विस्फोटकयुक्त तीर से हमला किया, जिसने जवानों को काफी नुकसान पहुंचाया.

मानवाधिकार आयोग ने निंदा की : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 25 जवानों के मारे जाने की निंदा की और कहा कि सरकार को ऐसी घटनाओं पर संज्ञान लेना चाहिए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देना चाहिए.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola