वन रैंक वन पेंशन : पूर्व सैनिक की खुदकुशी पर मचा सियासी संग्राम

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली/भिवानी : ‘वन रैंक, वन पेंशन' मुद्दे पर एक पूर्व सैनिक की कथित आत्महत्या पर बुधवार को देश की राजधानी में राजनीतिक गहमागहमी शुरू हो गयी. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने दो बार हिरासत में लिया. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को भी देर शाम हिरासत में लिया गया. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित केजरीवाल की आधी कैबिनेट आठ से दस घंटे तक हिरासत में रही. कांग्रेस के कई नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया. बाद में सभी को रिहा कर दिया गया. राहुल व केजरीवाल ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल (70) की मौत के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराया.

केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस विरोध को कुचलने के लिए अभूतपूर्व गुंडागर्दी का सहारा ले रही है. मालूम हो कि हरियाणा के भिवानी जिले के रहने वाले ग्रेवाल ने जनपथ में एक सरकारी भवन के लॉन में मंगलवार की शाम जहर खा कर आत्महत्या कर ली थी. कांग्रेस उपाध्यक्ष को दोपहर में मंदिर मार्ग और शाम में संसद मार्ग पुलिस थाने में हिरासत में लिया गया. बाद में तुगलक रोड पुलिस थाना ले जाया गया. वहीं केजरीवाल की गतिविधि उस वक्त रोक दी गयी, जब वह पूर्व सैनिक के परिजनों से लेडी हार्डिंग अस्पताल मिलने पहुंचे.

इससे पहले ग्रेवाल के बेटे जसवंत सहित परिवार के 12 सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया था. पुलिस का कहना है कि परिजन अस्पताल में धरने पर बैठ रहे थे. परिजनों ने आरोप लगाया कि जब वे आरएमएल अस्पताल आ रहे थे, तब पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की. रामकिशन के बेटे ने आरोप लगाया कि जब वह राहुल गांधी से मिलने जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें पीटा. वैसे पुलिस को आप के कई कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों को संसद मार्ग पुलिस थाना के बाहर घसीटते देखा गया. उप मुख्यमंत्री को सिसोदिया को कई घंटे तक थाने में रखा गया, जबकि रणदीप सुरजेवाला, ज्योतिरादित्य सिंधिया, आनंद शर्मा और कुमारी शैलजा सहित कांग्रेस के कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया.

दिल्ली पुलिस के इस कदम को कांग्रेस व आप ने लोकतंत्र व मूल अधिकारों पर हमला करार दिया, जबकि शोकाकुल परिवार के साथ किये गये बरताव को शर्मनाक व अभूतपूर्व बताया. वहीं, भाजपा ने कांगेस और आप पर आत्महत्या पर राजनीति करने का आरोप लगाया. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जोखिम कम करने के लिए जो भी करना होगी, दिल्ली पुलिस करेगी. मालूम हो कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन आती है. यह भी कहा कि ओआरओपी पुरानी मांग है और हमारी सरकार, प्रधानमंत्री ने इसे पूरा किया है. मालूम हो कि केंद्र सरकार ने ओआरओपी के कार्यान्वयन से होनेवाली विसंगति की पड़ताल के लिए न्यायाधीश न्यायमूर्ति एल नरसिम्हा रेड्डी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की थी. रक्षा मंत्रालय इस वक्त रिपोर्ट का अध्ययन कर रहा है. प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिकों का कहना है कि सरकार ने चार प्राथमिक शर्तों को नहीं माना है. मेजर जनरल सतबीर सिंह की अगुआई में एक समूह प्रदर्शन कर रहा है.

इससे पहले राहुल गांधी ने आरएमएल अस्पताल के बाहर कहा कि एक शहीद के परिवार को गिरफ्तार किया गया. यह मोदी जी का भारत है. मंदिर मार्ग थाना पहुंचे राहुल ने एक इंस्पेक्टर को कड़ी डांट पिलायी- आप एक शहीद के बेटे और परिजन को कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं? यदि आपने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है, तो आप उन्हें जाने क्यों नहीं देते. हमें इसे पहचानना होगा कि क्या यह एक नये भारत का निर्माण हो रहा है. यह अलोकतांत्रिक तरह की मानसिकता है. कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने पुलिस कार्रवाई को मोदी सरकार की खुल्लम खुल्ला गुंडागर्दी करार दिया और कहा कि राहुल को ग्रेवाल के बेटे के साथ गिरफ्तार किया गया.

थाने में बिफरे राहुल :शर्म नहीं आती, शहीद के बेटे को गिरफ्तार किया

राहुल ने पूर्व सैनिक के परिजनों को हिरासत में लेने पर रोष जताते हुए इसे शर्मनाक व मोदी सरकार की अलोकतांत्रिक मानसिकता का प्रतीक बताया. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने मृत राम किशन के बेटे व पिता की ओर इशारा करते हुए पुलिसकर्मियों से पूछा कि ‘क्या आप शर्मिंदा महसूस नहीं कर रहे हैं? वह एक पूर्व सैनिक के बेटे हैं, वह उनके पिता हैं और आपलोग उन्हें गिरफ्तार कर रहे हैं. राहुल ने मंदिर मार्ग पुलिस थाने में एक इंस्पेक्टर से पूछा कि आपका क्या नाम है? क्या आपको लगता है कि भारत के शहीद के परिवार को गिरफ्तार करना चाहिए? क्या आप शर्मिंदा महसूस नहीं कर रहे हैं?

केजरी का गुस्सा : ओआरओपी पर झूठ बोल रहे हैं पीएम

प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथ लेते हुए केजरीवाल ने जोर देते हुए कहा कि ग्रेवाल की शहादत बेकार नहीं जायेगी. उन्होंने कहा कि पीएम यह दावा कर पूरे देश से झूठ बोल रहे हैं कि ओआरओपी लागू हो गया है. यदि यह लागू हो गया है, तो राम किशन को आत्महत्या क्यों करनी पड़ी? इस मुद्दे पर भाजपा सरकार की धोखेबाजी की हद पार हो गयी है. पीएम को माफी मांगनी चाहिए. कहा कि शोकाकुल परिवार से मिलने से सीएम को क्यों रोका जा रहा ?

ओआरओपी पर ज्ञापन देने आये थे दिल्ली

पूर्व सैनिक के बेटे ने कहा कि पुलिस ने उसके परिवार को प्रताड़ित किया. उनके पिता ओआरओपी आंदोलन का जाना पहचाना चेहरा थे. उन्होंने सुसाइड नोट छोड़ा है. इसमें लिखा कि, मैं अपने देश, मातृभूमि और जवानों के लिए अपने प्राण न्योछावर कर रहा हूं. ग्रेवाल के दोस्तों के मुताबिक सेना और रक्षा सुरक्षा कोर में 30 साल सेवा दे चुके ग्रेवाल इस मुद्दे को लेकर कुछ समय से परेशान थे. ग्रेवाल अपने तीन साथियों के साथ ओआरओपी के मुद्दे पर रक्षा मंत्रालय को ज्ञापन सौंपने के लिए राजधानी आये हुए थे.

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