केजरीवाल का नया आरोप, जजों के फोन टेप कर रही है सरकार, रविशंकर ने नकारा

Updated at : 31 Oct 2016 2:35 PM (IST)
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केजरीवाल का नया आरोप, जजों के फोन टेप कर रही है सरकार, रविशंकर ने नकारा

नयी दिल्ली : आज दिल्ली हाईकोर्ट अपनी स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस मौके को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला करने के अवसर के रूप में तब्दील कर लिया और आरोप लगाया कि आजकल न्यायाधीशों के फोन टेप किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता […]

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नयी दिल्ली : आज दिल्ली हाईकोर्ट अपनी स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस मौके को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला करने के अवसर के रूप में तब्दील कर लिया और आरोप लगाया कि आजकल न्यायाधीशों के फोन टेप किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि यह सच है या नहीं लेकिन मैंने कुछ जज को आपस में बात करते हुए सुना है कि उनके फोन टेप किये जा रहे हैं.

केजरीवाल ने बताया कि मैंने उनसे कहा भी कि ऐसा नहीं होता है, ऐसा होने से न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जायेगी, लेकिन जजों ने बताया कि नहीं ऐसा हो रहा है, केजरीवाल ने यह बात मंच से अपने संबोधन में कही, उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा हो रहा है, तो यह बहुत ही खतरनाक बात है, इससे न्यायपालिका की स्वतंत्रता खतरे में पड़ जायेगी. उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कॉलेजियम प्रणाली में नियुक्ति की सूचना दी है, लेकिन अभी तक पद रिक्त हैं.

हालांकि केजरीवाल के इस आरोप के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह आरोप पूरी तरह से मिथ्या है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के लिए न्यायपालिका की स्वतंत्रता मूलभूत है और इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता.

केजरीवाल ने दावा किया कि जजों के साथ अपनी बैठकों में उन्होंने ‘‘उन्हें ( जजों को )आपस में एक-दूसरे से यह कहते हुए सुना है कि उन्हें फोन पर बात नहीं करनी चाहिए क्योंकि उन्हें टैप किया जा सकता है.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने जजों को बताया कि उनके फोन टैप नहीं किये जा सकते, तो ‘‘उन्होंने जवाब में कहा कि सभी फोन टैप किये जा सकते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं जानता कि यह बात सच है या नहीं लेकिन इस बात का डर व्यापक तौर पर फैला हुआ है. यदि यह सच है कि फोन टैप किये जा रहे हैं तो जजों को प्रभावित किया जा सकता है.’

केजरीवाल ने ये बातें दिल्ली उच्च न्यायालय की स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान कही, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर ने भी शिरकत की थी. केजरीवाल ने कहा कि यदि किसी जज ने कोई गलत काम किया भी है तो भी फोन टैपिंग को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘गलत काम के बारे में सबूत जुटाने के कई अन्य तरीके हैं वरना यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सबसे बड़ा हमला होगा.’ केजरीवाल के बाद समारोह में बोलने वाले प्रसाद ने कहा, ‘‘मैं पूरे अधिकार के साथ जजों के फोन टैप किए जाने के आरोपों को खारिज करता हूं.’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से लेकर अन्य मंत्रियों एवं सरकार तक, सभी ने आपातकाल में न्यायपालिका की स्वतंत्रता, व्यक्तिगत आजादी और मीडिया की स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी है.

उन्होंने कहा कि सरकार के लिए न्यायपालिका की स्वतंत्रता मूलभूत है और इससे समझौता नहीं किया जा सकता. केजरीवाल ने न्यायपालिका और कार्यपालिका के उन कदमों की ओर भी इशारा किया, जो लोगों के अधिकार छीन सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यदि कार्यपालिका का कोई कदम लोगों की ताकत को छीन लेता है, यदि संविधान की कोई न्यायिक व्याख्या लोगों की शक्ति छीन लेती है तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है.’

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