75th independence day : देश के 'गुमनाम' नायकों को सम्मानित करेगी मोदी सरकार, 146 नामों की सूची तैयार

**EDS: HANDOUT PHOTO MADE AVAILABLE FROM PIB ON WEDNESDAY, AUG 11, 2021.** New Delhi: Prime Minister Narendra Modi addresses the Confederation of Indian Industry (CII) Annual Meeting 2021 on the theme 'India@75', via video conferencing, in New Delhi. (PTI Photo)(PTI08_11_2021_000281B)
75th independence day: आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर मोदी सरकार आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है. इसके तहत 75 क्षेत्रीय, छह राष्ट्रीय और दो अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है. इसमें सरकार गुमनाम नायकों और कम प्रसिद्धि पाए समूहों और स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं को प्रदर्शित करेगी.
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75वें स्वतंत्रता दिवस पर देश के गुमनाम नायक होंगे सम्मानित
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मोदी सरकार ने बनाई 146 गुमनाम नायकों और समूहों की सूची
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नामों में छोटी जनजातियों और जातियों के नायक भी शामिल
75th independence day: 75वें स्वतंत्रता दिवस (75th independence day) के अवसर पर मोदी सरकार (Modi Government) आजादी के ‘गुमनाम’ नायकों (Freedom Fighter) को सम्मानित करेगी. इस समवतंत्रता दिवस के मौके पर आजादी के उन दीवानों को मोदी सरकार (Modi Government) याद करेगी जो आजादी के बाद इतिहास के पन्नों में गुम हो गये. मोदी सरकार ऐसे नायकों को सम्मानित करेगी. इस कड़ी में सरकार गुमनाम नायकों के स्वाधीनता संग्राम में योगदान को रेखांकित करेगी और कई कार्यक्रम और व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे.
बता दें, आजादी के 75 साल (75th independence day) पूरे होने के मौके पर मोदी सरकार आजादी का अमृत महोत्सव आयोजित कर रही है. इसके तहत 75 क्षेत्रीय, छह राष्ट्रीय और दो अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है. इसमें सरकार गुमनाम नायकों और कम प्रसिद्धि पाए समूहों और स्वतंत्रता संग्राम की घटनाओं को प्रदर्शित करने की योजना बनाई है. बता दें, सरकार ने 146 ऐसे गुमनाम नायकों और समूहों की एक सूची तैयार कर ली है.
बताया जा रहा है कि 146 नामों में छोटी जनजातियों और जातियों के नायक भी शामिल हैं. बात करें गुमनाम नायकों की लिस्ट की तो इसमें घेलूभाई नाइक, जनसंघ के पूर्व विचारक नानाजी देशमुख, लक्ष्मण नायक, कोमाराम भीम समेत झारखंड के तेलंगा खारिया का भी नाम शामिल है. इस सूची में हिंदू महासभा, कर्नाटक साहित्य परिषद और बंगाल की अनुशीलन समिति शामिल हैं.
इधर, कुछ इतिहासकारों ने इस लिस्ट में सुभाष चंद्र बोस, बिरसा मुंडा प्रसिद्ध हस्तियों की उपस्थिति की आलोचना की है. उनकी कहना है कि देस के ये वीर सपूत गुमनाम नहीं है. इतिहास में इनका अलग ही आदर है. ऐसे में इतिहासकारों ने सरकार से गुमनाम लिस्ट से इनका नाम हटाने की मांग की है.
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Posted by: Pritish Sahay
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