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हेराल्ड मामला : सुब्रमण्यम स्वामी का अनुरोध अदालत ने स्वीकार किया

Updated at : 11 Jan 2016 5:08 PM (IST)
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हेराल्ड मामला : सुब्रमण्यम स्वामी का अनुरोध अदालत ने स्वीकार किया

नयी दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी का वह अनुरोध आज स्वीकार कर लिया जिसमें वित्त मंत्रालय, शहरी विकास और कारपोरेट मामले, आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों से नेशनल हेराल्ड मामले में दस्तावेज समन करने की मांग की गयी थी. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट लवलीन ने स्वामी से कहा कि दिल्ली विकास […]

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नयी दिल्ली : दिल्ली की एक अदालत ने भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी का वह अनुरोध आज स्वीकार कर लिया जिसमें वित्त मंत्रालय, शहरी विकास और कारपोरेट मामले, आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों से नेशनल हेराल्ड मामले में दस्तावेज समन करने की मांग की गयी थी.

मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट लवलीन ने स्वामी से कहा कि दिल्ली विकास प्राधिकरण और रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनीज सहित इन विभागों को समन भेजने का प्रक्रिया शुल्क दाखिल करें. संक्षिप्त सुनवाई के दौरान स्वामी ने अदालत से कहा कि मामले में आगे की जिरह के लिए उन्हें इन दस्तावेजों की जरूरत है जो इन मंत्रालयों के पास हैं.
स्वामी ने अदालत से कहा, ‘‘उनके पास (इन मंत्रालयों और एजेंसियों) दस्तावेज हैं. इन दस्तावेजों को समन किया जाना चाहिए .’ न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आप प्रक्रिया शुल्क दाखिल करें. आपके आवेदन को मंजूरी दी जाती है.’ अदालत ने 19 दिसम्बर 2015 को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी, कांग्रेस के तीन अन्य नेताओं मोतीलाला वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस और सुमन दुबे को जमानत दे दी थी जो अदालत द्वारा पूर्व में भेजे गए समन के मुताबिक पेश हुए थे.
मामले में एक अन्य आरोपी सैम पित्रोदा को चिकित्सकीय आधार पर उस दिन व्यक्तिगत तौर पर पेशी से छूट दे दी गयी थी. स्वामी की तरफ से दर्ज निजी आपराधिक शिकायत से यह मामला जुडा हुआ है जिसमें स्वामी ने उनके खिलाफ ठगी, षड्यंत्र और आपराधिक विश्वासभंजन का मामला दर्ज कराया था.
सुनवाई के दौरान आज स्वामी ने अदालत से कहा कि अदालत के आदेश के मुताबिक उन्होंने आरोपियों को शिकायत की प्रतियां और इसके साथ संलग्नक भेज दिये हैं लेकिन वे इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं.
स्वामी ने कहा, ‘‘उन्होंने इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया और वे एक सीधा बयान दे रहे हैं कि यह अधूरा है. मैं नहीं जानता कि क्या अधूरा है. हमने अदालत के आदेश का पालन किया है और अगर वे बताते हैं कि क्या अधूरा है तो हम उन्हें वे दस्तावेज भी देने को तैयार हैं.” इस पर अदालत ने कहा, ‘‘आप पोस्ट से उनके कार्यालयों में इसे भेज दें।” दस्तावेज समन करने की अपनी अर्जी में स्वामी ने कहा है कि मामले में उनकी जरुरत है.
उन्होंने जो दस्तावेज मांगे हैं वे एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) से जुडे हुए हैं. सोनिया, राहुल, वोरा (कांग्रेस कोषाध्यक्ष), फर्नांडिस (कांग्रेस महासचिव), दुबे और पित्रोदा को भादंसं की धारा 403 (संपति की बेईमानी से हेराफेरी), 406 (आपराधिक विश्वासभंजन), 420 (ठगी) और धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत समन जारी किए गए थे.
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