आपातकाल ने कांग्रेस को बदनाम किया : जयराम रमेश
Updated at : 20 Oct 2015 6:09 PM (IST)
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हैदराबाद: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा है कि आपातकाल ने भारतीय राजनीति की मुख्यधारा में आरएसएस को लाकर ‘दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से’ उसे ‘लोकतांत्रिक पहचान’ दी. साथ ही, उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा इसे लगाने को एक ‘गलत’ कदम बताया. रमेश ने कहा कि उनका व्यक्तिगत विचार है कि संसदीय लोकतंत्र की […]
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हैदराबाद: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा है कि आपातकाल ने भारतीय राजनीति की मुख्यधारा में आरएसएस को लाकर ‘दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से’ उसे ‘लोकतांत्रिक पहचान’ दी. साथ ही, उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा इसे लगाने को एक ‘गलत’ कदम बताया.
रमेश ने कहा कि उनका व्यक्तिगत विचार है कि संसदीय लोकतंत्र की ‘हत्या’ किए जाने को लेकर आपातकाल ने कांग्रेस को बदनाम किया तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली जैसे लोगों को लोकतांत्रिक पहचान दी, जो ‘स्वाभाविक रुप से लोकतंत्रवादी नहीं हैं. ‘
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘आपातकाल ने भारतीय राजनीति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से यह किया कि इसने आरएसएस को भारतीय राजनीति की मुख्यधारा में ला दिया.और आपातकाल ने मिस्टर मोदी और मिस्टर जेटली जैसे लोगों को लोकतांत्रिक पहचान दी जो स्वभाविक लोकतंत्रवादी नहीं हैं.’
उन्होंने कहा, ‘‘आपातकाल के चलते सबसे असहिष्णु लोगों…जिसका नाम भाजपा है…ने लोकतांत्रिक पहचान हासिल की.’ रमेश ने कहा कि यह ‘नेहरुवादी प्रभाव’ था जिसने इंदिरा गांधी को चुनाव कराने और लोगों के फैसले का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार, श्रीमति गांधी ने 1977 के शुरुआत में चुनाव का आह्वान कर खुद ही आपातकाल पर फैसला दे दिया और उन्होंने लोगों के फैसले का सम्मान किया’
रमेश ने कहा कि आखिरकार श्रीमति (इंदिरा) गांधी पर नेहरुवादी प्रभाव कायम रहा और उन्होंने महसूस किया कि उन्हें चुनाव का आह्वान करना है. कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने कहा कि आपातकाल गलत था क्योंकि एक पार्टी जिसने भारत में संसदीय लोकतंत्र का निर्माण किया, उसने आपातकाल की उस अवधि को लेकर लोकतंत्र की हत्या करने का दर्जा हासिल किया.
रमेश ने कहा कि वही इंदिरा गांधी, जिन्हें लोगों ने शिकस्त दी वह जनवरी 1980 में वापस आईं. यही लोकतंत्र है. उन्होंने कहा कि आरएसएस संसदीय लोकतंत्र में यकीन नहीं करता. उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए दुर्भाग्य से आपातकाल के लिए चाहे जो कुछ भी ऐतिहासिक परिस्थितियां रही हों, इसने लोगों को लोकतांत्रिक पहचान दिलाई.’
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने 24 जून को आपातकाल की 40वीं बरसी मनाते हुए इंदिरा गांधी सरकार द्वारा की गई ज्यादतियों का प्रमुखता से जिक्र किया. पार्टी ने जयप्रकाश नारायण के नाम पर उनके गांव में एक राष्ट्रीय स्मारक की घोषणा की जो आपातकाल के खिलाफ जन आंदोलन के नेता थे। इसके परिणास्वरुप केंद्र में पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनी. पार्टी ने 11 अक्तूबर को ‘लोकतंत्र बचाओ दिवस’ के रुप में जेपी का 113 वां जन्म दिवस भी मनाया था
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