राफेल विमान सौदा : कांग्रेस में सामने आये विभिन्न सुर

Updated at : 11 Apr 2015 9:53 PM (IST)
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राफेल विमान सौदा : कांग्रेस में सामने आये विभिन्न सुर

नयी दिल्ली : राफेल सौदे पर आगे बढने की स्थिति में भाजपा के सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा अदालत जाने की धमकी देने के एक दिन बाद आज इस मुद्दे पर कांग्रेस में भी विभिन्न सुर सामने आये है. कांग्रेस नेता अमरिन्दर सिंह ने इस सौदे की दमदार ढंग से पैरवी करते हुए स्वामी से इसे बाधित […]

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नयी दिल्ली : राफेल सौदे पर आगे बढने की स्थिति में भाजपा के सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा अदालत जाने की धमकी देने के एक दिन बाद आज इस मुद्दे पर कांग्रेस में भी विभिन्न सुर सामने आये है. कांग्रेस नेता अमरिन्दर सिंह ने इस सौदे की दमदार ढंग से पैरवी करते हुए स्वामी से इसे बाधित नहीं करने के लिए कहा जबकि कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने फ्रांस के साथ राफेल विमान सौदे को लेकर भाजपा नेता को अदालत जाने की चुनौती दी. स्वामी ने इस लडाकू विमान में कुछ खामियां बताते हुए सरकार को कल धमकी दी थी कि अगर वह राफेल विमान सौदे पर आगे बढी तो वह कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेंगे.

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता अमरिन्दर ने एक बयान में कहा, ‘‘यह बयान (स्वामी की अदालत में जाने की धमकी) निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री के साथ अपना निजी हिसाब चुकाने के लिए दिया गया है क्योंकि उन्हें कैबिनेट में नहीं लिया गया.’’ उन्होंने इस बात पर हैरत जतायी कि स्वामी की व्यक्तिगत आवश्यकता देश से पहले कैसे हो सकती है. भारतीय वायु सेना की क्षमता को मजबूती देने के लिए राफेल लडाकू विमानों की खरीद के सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए अमरिन्दर ने कहा, ‘‘भगवान के लिए अपने निजी एजेंडा को कुछ समय के लिए परे रख दीजिये क्योंकि यह देश की रक्षा से जुडा मामला है.’’ सेना में रह चुके अमरिन्दर ने कहा कि 36 विमानों की खरीद भारतीय वायुसेना को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण है.

इस बीच, कांग्रेस के एक अन्य नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीटर पर लिखा, ‘‘मैं सुब्रमण्यम स्वामी को राफेल जेट की खरीद के खिलाफ अदालत जाने की चुनौती देता हूं.’’भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से राफेल सौदे पर आगे नहीं बढने का अनुरोध किया है जिस पर पिछली संप्रग सरकार ने बातचीत की थी. उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी विमान का प्रदर्शन लीबिया और मिस्र में सभी विमानों में सबसे खराब रहा है. पेरिस में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद के बीच बातचीत में लडाकू विमानों को खरीदने के बारे में निर्णय हुआ.

सिंह ने भारत द्वारा फ्रांस से 36 तैयार राफेल विमान खरीदने को लेकर आश्चर्य जताया कहा कि क्या यह भारत सरकार की नई रक्षा खरीद नीति है. क्या कैग सीवीसी कृपया नोटिस लेगी. कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार के ‘‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’’ के नारे को लेकर भी कटाक्ष किया और कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री फ्रांस में लडाकू विमान खरीद रहे थे हमारे रक्षा मंत्री गोवा में मछली खरीद रहे थे. जब प्रधानमंत्री विदेश में सौदों पर हस्ताक्षर कर रहे थे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मध्य प्रदेश के विदिशा में मोदी की भावी उपलब्धियों को फैला रही थीं. यह न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन का एक अन्य उदाहरण है.’’

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