दिल्‍ली चुनाव में हक के लिए सामने आएंगी सेक्‍स वर्कर

Updated at : 30 Jan 2015 11:12 AM (IST)
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दिल्‍ली चुनाव में हक के लिए सामने आएंगी सेक्‍स वर्कर

नयी दिल्‍ली : आगामी 7 फरवरी को होने वाले दिल्‍ली विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की तैयारियां अब चरम पर पहुंचने लगी हैं. जहां एक ओर चुनाव में जीत के लिए लाउडस्‍पीकर पर तेज आवाजों में पार्टियां एक के बाद एक लोक लुभावन वादे करती सुनाई दे रही हैं. वहीं दूसरी ओर कुछ पार्टियां […]

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नयी दिल्‍ली : आगामी 7 फरवरी को होने वाले दिल्‍ली विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की तैयारियां अब चरम पर पहुंचने लगी हैं. जहां एक ओर चुनाव में जीत के लिए लाउडस्‍पीकर पर तेज आवाजों में पार्टियां एक के बाद एक लोक लुभावन वादे करती सुनाई दे रही हैं. वहीं दूसरी ओर कुछ पार्टियां एक-दूसरे का वोट बैंक कम करने के लिए आरोप-प्रत्‍यारोप करने में व्‍यस्‍त हैं. लेकि‍न इस चुनाव को लेकर समाज के कुछ वर्ग बेहद गंभीर दिख रहे है. भले ही समाज ने इन वर्गों को उपेक्षित समझ लिया हो लेकिन अपने बच्‍चों के सुनहरे भविष्‍य को लेकर ये अच्‍छी सरकार लाने के लिए अपना पूर्ण योगदान देने वाले हैं.
हम बात कर रहे हैं राजधानी के जीबी रोड में रहने वाली करीब चार हजार सेक्‍स वर्करों की. इन्‍हें समाज ने जरूर बहिष्‍कृत कर दिया हो लेकिन अपने बच्‍चों का भविष्‍य सुधारने के लिए लोकलाज को छोड़कर लोकतंत्र के महापर्व में शामिल होने के लिए सबके सामने आने का मन बना लिया है. दिल्‍ली के जीबी रोड के करीब 25 इमारतों में करीब 116 कोठे हैं. इनमें 4000 से ज्‍यादा सेक्‍स वर्कर रहती हैं. हालात यह हैं कि अपनी पीड़ा को बताने के लिए उनके अपने भी उनके साथ नहीं हैं ऐसे में प्रदेश में अच्‍छी सरकार ही उनका एकमात्र सहारा है जिसके बलबूते कम से कम वे अपने बच्‍चों को भविष्‍य उज्‍जवल बना सकती हैं.
वर्ष 2008 में काफी जद्दोजहद के बाद वहां रहने वाली महिलाओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने का काम शुरू किया गया. इसके बाद करीब 1,500 महिलाओं का मतदाता पहचान पत्र बना. जिससे 2008 के चुनाव में उन्‍होंने भाग भी लिया. दरअसल इन महि‍लाओं की आगामी सरकार से कुछ खास मांगें हैं जिसमें हेल्‍थकार्ड, बच्‍चों के लिए हॉस्‍टल सहित स्‍कूल, जॉब लाइसेंस, मकान और पेंशन शामिल हैं.
हलांकि इनमें सेक्‍स वर्करों बड़ी तादाद ऐसी भी है, जिनके पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है. इसका सीधा कारण यह है कि इनके पास कोई भी जरूरी प्रमाण पत्र नहीं, जिसका उपयोग ये मतदाता पहचान पत्र बनाने में कर सकें. वहीं भारतीय पतिता उद्धार सभा के अध्‍यक्ष खैराती लाल भोला ने बताया कि इस बार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए एक हजार अन्‍य सेक्‍स वर्करों ने आवेदन किया है. उम्मीद है वे सभी इस बार के चुनाव में भाग ले पाएंगी. जीबीरोड स्‍थित कोठा दो विधानसभा क्षेत्र मटियामहल और बल्‍लीमारान में आता है.
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