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हुदहुद चक्रवात : आठ की मौत के बाद कमजोर हुआ हुदहुद

Updated at : 12 Oct 2014 2:21 AM (IST)
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हुदहुद चक्रवात : आठ की मौत के बाद कमजोर हुआ हुदहुद

विशाखापत्तनम/हैदराबाद/भुवनेश्वर : चक्रवाती तूफान हुदहुद के आज दोपहर विशाखापत्तनम तट से टकराने के बाद हुई भारी बारिश से रविवार शाम छह बजेआठलोगों के मरने की सूचना है. एनडीआरएफ प्रवक्ता अनिल शेखावत ने बताया कि तूफान व तेज बारिश से आंध्रप्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गयी. आंध्र प्रदेश में रविवार दोपहर पहुंचने वाला चक्रवाती […]

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विशाखापत्तनम/हैदराबाद/भुवनेश्वर : चक्रवाती तूफान हुदहुद के आज दोपहर विशाखापत्तनम तट से टकराने के बाद हुई भारी बारिश से रविवार शाम छह बजेआठलोगों के मरने की सूचना है. एनडीआरएफ प्रवक्ता अनिल शेखावत ने बताया कि तूफान व तेज बारिश से आंध्रप्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गयी. आंध्र प्रदेश में रविवार दोपहर पहुंचने वाला चक्रवाती तूफान हुदहुद शाम तक विशाखापत्तनम से 60 किलोमीटर पश्चिमोत्तर की ओर बढ गया है और इसकी तीव्रता कम हो गई है.

भारतीय मौसम विभाग के चक्रवात चेतावनी डिविजन के वैज्ञानिक एम महापात्र ने कहा कि हुदहुद बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान से गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है और इसकी गति अब 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई है.चक्रवात आज बंदरगाह शहर विशाखापत्तनम पहुंचा था जिससे आंध्र प्रदेश के तीन तटवर्ती जिलों में मूसलाधार वर्षा हुई. इससे राज्य और पडोसी राज्य ओडिशा में पांच व्यक्तियों की मौत हो गई तथा बिजली और संचार लाइनें टूट गईं.

विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ क्योंकि हवा 170 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी.बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान दोपहर से पहले विशाखापत्तनम पहुंचा. अंधड के साथ ही भारी वर्षा से पेड उखड गए और कच्चे मकानों की छत और छप्पर उड गए.

जबकि केंद्रीय कैबिनेट सचिव के अनुसार, ओडिशा में भी तूफान व तेज बारिश के कारण तीन लोगों की मौत हो गयी.उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री से बात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. साथ ही पीएम ने केंद्रीय गृहमंत्री को पूरी स्थिति पर नजर रखने और हर जरूरी उपाय करने का भी निर्देश दिया है.

तूफान से आंध्रप्रदेश व ओडिशा के तटीय जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. हालांकि इस बीच एक अच्छी सूचना यह है कि अगले कुछ घंटों में तूफान की तीव्रता में 50 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है. इस तूफान का दायरा 30 किमी के दायरे में होने का अनुमान है. कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले साल 12 अक्तूबर को ही आये फैलिन चक्रवाती तूफान से इसकी रफ्तार व प्रभाव कम है.

हुदहुद तूफान दक्षिण पूर्वी भारत सहित पूर्वी भारत प्रभावित हो रहा है. विशाखापत्तनम में जहां 170 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, वहीं ओडिशा के गोपालपुर व बेरहामपुर में 70 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही है. तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार व पूर्वी उत्तरप्रदेश पर भी इस तूफान का असर दिख रहा है. ओडिशा व आंध्र में हुदहुद से निबटने के लिए 42 टीमें व 1800 से अधिक जवान तैनात हैं.

* तीन दिनों तक बारिश होती रहेगी, शाम के बाद हुदहुद कमजोर : मौसम विभाग

इधर दिल्‍ली मौसम विभाग ने हुदहुद के खतरे को लेकर प्रेस कांफ्रेंस किया है. मौसम विभाग के डीजी एल एम राठोड़ ने बताया कि अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होती रहेगी. उन्‍होंने बताया कि अभी हवा की गति 170 किलोमीटर है, जो शाम होते-होते कम हो जाएगी.

मौसम विभाग ने बताया कि शाम 5 बजे के बाद से हवा की गति में कमी आयेगी, लेकिन कम दबाव का क्षेत्र बना रहेगा और बारिश अगले तीन दिनों तक जारी रहेगी. खास कर के छत्तीसगढ़ और पूर्व मख्‍यप्रदेश में भारी बारिश उकी संभावना है. इसके अलावे झारखंड़, बिहार, ओडिशा आदि राज्‍यों में भी बारशि हो सकती है.

गृह मंत्री ने हर संभव मदद का आश्‍वासन दिया

इधर हुदहुद से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने हर संभव मदद का आश्‍वासन दिया है. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि चक्रवाती तूफान हुदहुद से निपटने के लिए सेना को तैयार रहने का आदेश दिया गया है और कहा, इस आपदा में केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद दिया जाएगा.

हवा की रफ्तार 170 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे

भारतीय मौसम विभाग :आईएमडी: में चक्रवात चेतावनी प्रणाली के प्रभारी वैज्ञानिक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, विशाखापत्तनम तट पर हवा इस समय करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है. इससे संकेत मिलता है कि कुछ देर में हवाओं की रफ्तार 170 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड सकती है और इसके साथ तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी.

मौसम विभाग के अनुसार लहरें सामान्य स्तर से एक से दो मीटर अधिक की उंचाई छू सकती हैं. आंध्र प्रदेश के तीन तटीय जिलों में पहले ही तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से बड़े पैमाने पर विद्युत प्रणाली ठप हो चुकी है.

* नौसेना की 30 टीमें तैयार

चक्रवाती तूफान हुदहुद से निपटनें के लिए सरकार ने कमर कस ली है. इधर नौसेना की 30 गोताखोरों की टीमें किसी भी संभावित से निपटने के लिए तैयार हैं. हुदहुद के मद्देनजर 8 जहाजों और 6 हेलिकॉप्टर को भी तैयार रखा गया है.

* दक्षिण भारत जाने वाली 52 ट्रेनें रद्द, 37 ट्रेनों के रूट में बदलाव

खतरा बनता जा रहा चक्रवाती तुफान हुदहुद के मद्देनजर दक्षिण भारत जा रही 52 ट्रनों को रद्द कर दिया गया है. इसके अलावे कुल 37 ट्रेनों के रूट में बदलाव भी किया गया है. रेलवे ने यात्रियों से आग्रह किया है कि यात्रा करने से पहले जरूर पूछताछ कर लें. रेलवे ने कहा कि हुदहुद के खतरे को देखते हुए और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है.

* हेल्‍पलाइन नंबर जारी

हुदहुद को लेकर केद्र सरकार-राज्‍य सरकार की ओर से हेल्‍पलाइन नंबर जारी किया गया है. केंद्र सरकार- आंध्र के लिए – 1948 और ओडिशा के लिए- 1949, श्रीकाकुलम – 18004256625, गोदावरी टोल फ्री नंबर – 18004258848, विशाखापतनम – 0891-2563121

कई इलाके में बिजली गुल, पेड़ गिरे

विशाखापतनम के तट से टकराने केपहलेसेही हुदहुद ने प्रचंड़ रूप धारण कर लिया है. यहां अब तेज हवा के साथ बारिश जारी है. कई इलाकों में बिजली गुल हो गयी है. बताया जा रहा है कि जहां-तहां पेड़ उखड़ गये हैं. मौसम विभाग ने इसको लेकर हाई अलर्ट जारी किया है.

डेढ़ लाख लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया गया

चक्रवात हुदहुद ने आंध्र प्रदेश और ओडि़शा में लोगों की सांसें थाम दी हैं. संभावित खतरे को देखते हुए आंध्रप्रदेश व ओडि़शा के तटवर्ती इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. हुदहुद की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने करीब डेढ़ लाख लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचा दिया गया.

ओड़िशा में बारिश, पेड़ उखड़ा, मकान गिरा

अंडमान सागर से उठा भीषण चक्रवात ‘हुदहुद’ 12 अक्तूबर को दोपहर में ओड़िशा और आंध्रप्रदेश के तट से टकरायेगा. इससे पहले दोनों राज्यों में बारिश शुरू हो गयी है. 160 किमी की रफ्तारवाला तूफान तड़के 195 किमी की रफ्तार पकड़ लेगा. इसकी गति और बढ़ेगी, क्योंकि चक्रवात तट से टकराने के बाद और प्रबल हो जाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्चस्तरीय बैठक कर चक्रवात से निबटने की तैयारियों की समीक्षा की. अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये. प्रशासन संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटा है. हर धर्म और समुदाय के लोग अपने-अपने ईष्ट देव से रक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.

हुदहुद की हुंकार

नयी दिल्ली:‘हुदहुद’ समंदर में हुंकार भर रहा है. इससे पहले ओड़िशा और आंध्रप्रदेश में बारिश शुरू हो गयी. मलकानगिरी जिले के सबसे बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है. वहां भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं. गुडगुटा गांव में पेड़ गिरने से एक कच्चा घर क्षतिग्रस्त हो गया. ओड़िशा के दक्षिणी भाग के चक्रवाती तूफान, भारी वर्षा और उसके बाद आनेवाली बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है. आठों जिलों के जिलाधीशों से कहा कि गया है कि वे सतर्कतापूर्ण ढंग से स्थिति का आकलन करें तथा नाजुक स्थलों से पूरी आबादी को सुरक्षित इमारतों में पहुंचाया जाये.

तूफान से 72 लाख की आबादी के प्रभावित होने की आशंका है. दोनों राज्यों की सरकारों के साथ केंद्र भी नुकसान कम करने के लिए पूरी तरह तैयार है. दोनों राज्यों के पांच लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचा जा चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्चस्तरीय बैठक कर तूफान से निबटने की तैयारियों का जायजा लिया. किसी भी स्थिति से निबटने के लिए एनडीआरएफ की 39 टीमों (ओड़िशा में 16, आंध्र में 25) के अलावा सेना, नौसेना भी संसाधनों के साथ पूरी तरह तैयार है. बड़ी संख्या में सैन्यकर्मी भी विशाखापत्तनम में तैनात हैं. नौसेना की पूर्वी कमान ने चार जहाज तैयार रखे हैं. अतिरिक्त राहत सामग्री के साथ गोताखोरों की 30 टीमें, चार प्लाटून तैयार हैं.

ओमान ने दिया है नाम

‘हुदहुद’ तूफान का नामकरण ओमान ने किया है. एफ्रो-एशिया में पाया जानेवाला रंग-बिरंगा पक्षी ‘हुदहुद’ इस्राइल का राष्ट्रीय पक्षी है. आमतौर पर तूफान का नामकरण इस तरह किया जाता है, ताकि लोगों को जल्दी याद हो जाये.

यह भी जानें

चक्रवात की आंख : चक्रवात पृथ्वी के संपर्क में आने के बाद ही सबसे ज्यादा तबाही मचाता है. पृथ्वी से टकराने के बाद तेज हवाएं चलती हैं. स्टॉर्म आइ के बादलों से भरने के बाद साइक्लोन की तीव्रता खत्म हो जाती है.

तूफानी लहरें : समुद्र में जलतरंगें उठती हैं. इससे तटवर्ती इलाके जलप्लावित हो जाते हैं

तरंगें :
तेज हवाओं के चलते 15 मीटर तक ऊंची लहरें उठती हैं

भारी बारिश :
चक्रवात प्रतिदिन दो अरब टन नमी सोख कर बारिश कराता है. इससे तटवर्ती व अंदरूनी इलाकों में भी बाढ़ आ जाती है.

यहां हो सकती है भारी बारिश

उत्तरी आंध्र के पश्चिमी व पूर्वी गोदावरी, विशाखापत्तनम, विजियानगरम व श्रीकाकुलम जिले और ओड़िशा के गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगढ़ा, नबरंगपुर, मलकानगिरि, कालाहांडी और फुलबानी जिले. ओड़िशा में बारिश, पेड़ उखड़ा.

पीएम नरेंद्र मोदी ने की आपात बैठक

-गृह मंत्री राजनाथ सिंह से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से लगातार संपर्क में रहने को कहा है.

-वायुसेना, नौसेना और सेना के जवानों को तैयार रखा गया है

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