नागरिकता विधेयकः असम में विरोध प्रदर्शन तेज,कई जगह कर्फ्यू, पीएम मोदी बोले- नहीं छीना जाएगा आपका हक

By Prabhat Khabar Digital Desk
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गुवाहाटी/अगरतलाः नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को संसद द्वारा मंजूरी प्रदान किए जाने के बीच इसे लेकर जारी विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है. असम के गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में अनिश्चिकाल के लिए कर्फ्यू लगा हुआ है.असम में लगातार विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. तिनसुकिया में चार दुकानों को आग लगा दी गई है. गुरुवार सुबह यहां एक शव भी बरामद हुआ है. असम और त्रिपुरा में होने वाले रणजी ट्रॉफी के मैच रद्द हो गए हैं. दोनों राज्यों में नागरिकता बिल के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए ये फैसला लिया गया है.

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ बढ़ते प्रदर्शन की वजह से असम, त्रिपुरा जाने वाली सभी पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया है. अभी दिल्ली और कोलकाता से जाने वाली ट्रेन गुवाहाटी तक ही जा रही हैं, उसके आगे की सुविधा बंद कर दी गई है. नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका दाखिल हो गई है. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने सुप्रीम कोर्ट में बिल के खिलाफ याचिका दायर की है.

असम के गुवाहाटी और जोरहाट में सेना को बुला लिया गया है, जबकि त्रिपुरा में असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है. इधर, असम में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शांति की अपील की है. पीएम मोदी ने लिखा कि मैं असम के भाईयों-बहनों को भरोसा दिलाता हूं कि नागरिकता संशोधन विधेयक के पास होने से आप पर असर नहीं पड़ेगा. कोई भी आपका हक नहीं छीन रहा है, ये ऐसे ही जारी रहेगा.

दूसरी तरफ, प्रदर्शनकारियों ने असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के डिब्रूगढ़ स्थित घर पर पथराव किया. इसके अलावा असम के ही दुलियाजन में प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली के घर पर हमला किया और संपत्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया. सेना के पीआरओ लेफ्टिनेंट पी खोंगसाई ने बताया कि गुवाहाटी में सेना की दो टुकड़ियों को तैनात किया गया है और वे फ्लैग मार्च कर रहे हैं. तिनसुकिया से अधिकारियों के हवाले से प्राप्त खबरों के अनुसार जिले में सेना तैनात की गई है और वे फ्लैग मार्च कर रहे हैं. गुरपुवार शाम राज्यसभा से इश बिल मंजूरी िमल गई है. असम के 10 जिलों में बुधवार की शाम सात बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह और राजनीतिक विभाग) कुमार संजय कृष्णा द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार लखीमपुर, धेमाजी, तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कामरूप (मेट्रो) और कामरूप में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। शरारती तत्वों के शांति को भंग करने के प्रयासों को विफल करने के लिए पूरे त्रिपुरा राज्य में भी मंगलवार को अपराह्र दो बजे से 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं पहले से ही बंद हैं. त्रिपुरा में इंटरनेट सेवाएं बुधवार को दूसरे दिन भी बंद रहीं.
अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट सेवाएं बृहस्पतिवार तक बंद रहेंगी. उन्होंने बताया कि ट्रेन, बस सेवाएं और हवाई सेवाएं भी रोक दी गई हैं. असम के पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने बताया था कि कर्फ्यू बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे तक प्रभावी रहेगा। हालांकि उन्होंने बाद में बताया कि कर्फ्यू अनिश्चिकाल के लिए बढ़ा दिया गया है. नागरिकता संशोधन विधेयक में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थी - हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है.
असम में इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने पर ट्विटर पर लोगों में नाखुशी
ट्विटर उपयोग करने वालों ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक को लेकर व्यापक प्रदर्शन के बीच असम में इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने पर बुधवार को नाखुशी जताई. ट्विटर पर सक्रिय बोरगोहेन मौसुमी ने कहा, ‘‘कामरूप (मेट्रो), लखीमपुर, धेमाजी, तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, चराइदेव, शिवसागर, जोरहट, गोलाघाट और कामरूप जिलों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट प्रतिबंधित. लोकतंत्र? सरकार हमें नहीं रोक सकती है. हम विरोध करने के लिए सड़कों पर हैं.
अमन वदूद ने ट्वीट किया, असम के कई जिले में शाम सात बजे से इंटरनेट बंद रहेगा. असम में अंतत: स्थिति ‘सामान्य' हो रही है. केमिकल इंजीनियर गंगोत्री नियोग ने ट्वीट किया, लोग जब कैब का विरोध कर रहे हैं तो भाजपा जितना बढ़िया कर सकती है उतना कर रही है. और फिर कहते हैं कि हर चीज सामान्य है.
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