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आईआरसीटीसी के खाने में कॉकरोच, एक लाख का जुर्माना

Updated at : 03 Aug 2014 12:03 PM (IST)
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आईआरसीटीसी के खाने में कॉकरोच, एक लाख का जुर्माना

नयी दिल्ली: भारतीय रेलवे ने ट्रेनो में परोसे गए भोजन की गुणवत्‍ता में सुधार लाने के लिए कडा कदम उठाया है. इसके तहत खराब भोजन परोसने के कारण रेलवे ने नौ केटर्स पर जुर्माना लगाया है. जिन नौ केटर्स पर रेलवे ने कुल 11.50 लाख रुपए का भारी जुर्माना लगाया है, उनमें आईआरसीटीसी भी शामिल […]

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नयी दिल्ली: भारतीय रेलवे ने ट्रेनो में परोसे गए भोजन की गुणवत्‍ता में सुधार लाने के लिए कडा कदम उठाया है. इसके तहत खराब भोजन परोसने के कारण रेलवे ने नौ केटर्स पर जुर्माना लगाया है. जिन नौ केटर्स पर रेलवे ने कुल 11.50 लाख रुपए का भारी जुर्माना लगाया है, उनमें आईआरसीटीसी भी शामिल है.

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘विभिन्न ट्रेनों में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच के लिए हमने पिछले माह एक विशेष अभियान शुरु किया था’.हमें कुछ ट्रेनों में खराब गुणवत्ता का भोजन मिला और केटर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई. इंडियन रेलवेज केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन ‘आईआरसीटीसी’ के अलावा जिन केटर्स पर जुर्माना लगाया गया है, उनके नाम हैं- आर के एसोसिएट्स, सनशाइन केटर्स, सत्यम केटर्स, बृंदावन फूड प्रोडक्ट्स.

अधिकारी ने कहा, ‘आईआरसीटीसी पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया क्योंकि 23 जुलाई को कोलकाता राजधानी में भोजन में कॉकरोच पाया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि 13 ट्रेनों में खराब गुणवत्ता का भोजन पाया गया था. कोलकाता राजधानी के अलावा इस विशेष अभियान में जिन ट्रेनों के भोजन की जांच की गई, उनमें पश्चिम एक्सप्रेस, पुष्पक एक्सप्रेस, मोतिहारी एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस, गोल्डन टेंपल मेल, नेत्रवती एक्सप्रेस, पंजाब मेल, हावडा-अमृतसर मेल और चंडीगढ शताब्दी शामिल हैं.

अधिकारी ने बताया कि कुछ ट्रेनों में भोजन अस्वास्थ्यकर स्थितियों में रखा गया था, जबकि अन्य में भोजन या तो बासी था या फिर घटिया.उन्होंने यह भी कहा कि इन केटर्स पर 50 हजार से एक लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया गया है.

अधिकारी ने कहा, ‘यदि कोई केटरर पांच बार दोषी पाया जाता है तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा. ट्रेनों के भोजन की गुणवत्ता के बारे में बडी संख्या में शिकायतें आने के बाद रेलवे ने ट्रेनों में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को सुधारने के लिए एक संगठित प्रयास किया है.’हम ‘प्री-कुक्ड’ भोजन एक सप्ताह के लिए ट्रेनों में परोस कर देखेंगे. इसे मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर इसे दूसरी ट्रेनों में नियमित रुप से लेकर आएंगे’.

रेलमंत्री सदानंद गौडा ने रेल बजट में इस समस्या से निपटने के लिए केटरिंग सेवा में सुधार की घोषणा की थी.योजना के अनुसार, आईटीसी, एमटीआर और हल्दीराम जैसे शीर्ष केटर्स को आजमाइश के लिए ट्रेनों में पहले से पका भोजन ‘प्री-कुक्ड’ परोसने के लिए लाया गया है.आईटीसी, आईटीआर और हल्दीराम का ‘प्री-कुक्ड’ भोजन परोसने के लिए तीन प्रमुख ट्रेनों- राजधानी, दूरंतो और शताब्दी समेत छह ट्रेनें चुनी गयी हैं.

इन ट्रेनों में उपलब्ध करवाए जाने वाले लजीज पकवानों में ‘चिकन चेट्टीनाड’, ‘हैदराबादी बिरयानी’,’सांभर चावल’ और ‘राजमा चावल’ भी शामिल हैं.’प्री-कुक्ड’ भोजन पैक किया हुआ होगा, जिसे गर्मागर्म परोसने से पहले बस माइक्रोवेव में गर्म करना होगा.

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