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केंद्रीय मंत्रिमंडल का फैसला : सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाकर 33 करने की मंजूरी

Updated at : 31 Jul 2019 4:40 PM (IST)
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केंद्रीय मंत्रिमंडल का फैसला : सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाकर 33 करने की मंजूरी

नयी दिल्ली : केंद्रीम कैबिनेट ने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या को 30 से बढ़ाकर 33 करने की बुधवार को मंजूरी दे दी. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि अब उच्चतम न्यायालय में भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के अलावा 33 न्यायाधीश होंगे. जब संसद इस विधेयक को मंजूरी दे देगी तो उच्चतम […]

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नयी दिल्ली : केंद्रीम कैबिनेट ने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या को 30 से बढ़ाकर 33 करने की बुधवार को मंजूरी दे दी. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि अब उच्चतम न्यायालय में भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) के अलावा 33 न्यायाधीश होंगे. जब संसद इस विधेयक को मंजूरी दे देगी तो उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या सीजेआई समेत 34 हो जायेगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रीमंडल की हुई बैठक में इसके अलावा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये. इसमें अब तक देश भर में लागू सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 फीसदी आरक्षण को अब जम्मू-कश्मीर के लिए भी मंजूरी दी गयी है. बैठक में पोषक ऊर्वरकों पर मिल रही सब्सिडी में बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया गया.

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया, सामाजिक न्याय की जो बड़ी पहल की गयी थी कि सामान्य वर्ग के लोगों को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण नौकरी और शिक्षा में मिलेगा. यही अब जम्मू-कश्मीर में भी लागू करने का निर्णय लिया गया है. चूंकि जम्मू-कश्मीर की विधानसभा नहीं चल रही है और राज्यपाल शासन लागू है, इसलिए राज्य सरकार की जिम्मेदारी केंद्रीय कैबिनेट पर आ जाती है.

जावडेकर ने कहा कि कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नजदीक रहने वालों को आरक्षण मिलता था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वालों को आरक्षण नहीं मिलता था. अब जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वालों को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 को लेकर उत्साहित सरकार ने मॉस्को में भी इसरो का ऑफिस खोलने का फैसला लिया है. इसके साथ ही, किसानों को कई तरह की सब्सिडी देने का भी निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया गया.

बैठक में किसानों को किफायती दर पर उर्वरक मुहैया कराने के लिए गैर-यूरिया उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाने का निर्णय लिया गया. इससे चालू वित्त वर्ष के दौरान खजाने पर 22,875.50 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने 2019-20 के लिए फॉस्फेट तथा पोटाश वाले उर्वरकों की पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दी. उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए नाइट्रोजन पर 18.90 रुपये प्रति किलोग्राम, फॉस्फोरस पर 15.11 रुपये, पोटाश पर 11.12 रुपये तथा गंधक पर 3.56 रुपये प्रति किलोग्राम सब्सिडी तय की गयी है. जावड़ेकर ने कहा कि इससे उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. सरकार ने 2010 में एनबीएस कार्यक्रम की शुरुआत की थी.

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