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आतंकी मूसा के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा का दौर, कर्फ्यू जारी

Updated at : 25 May 2019 12:39 PM (IST)
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आतंकी मूसा के मारे जाने के बाद कश्मीर में हिंसा का दौर, कर्फ्यू जारी

श्रीनगर : अलकायदा से जुड़े एक समूह के तथाकथित प्रमुख जाकिर मूसा को सुरक्षाबलों द्वारा मार गिराए जाने के बाद कश्मीर के कुछ हिस्सों में लागू कर्फ्यू दूसरे दिन शनिवार को भी जारी है. मूसा शुक्रवार को पुलवामा में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था. अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर, कुलगाम और […]

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श्रीनगर : अलकायदा से जुड़े एक समूह के तथाकथित प्रमुख जाकिर मूसा को सुरक्षाबलों द्वारा मार गिराए जाने के बाद कश्मीर के कुछ हिस्सों में लागू कर्फ्यू दूसरे दिन शनिवार को भी जारी है. मूसा शुक्रवार को पुलवामा में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था. अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर, कुलगाम और पुलवामा के कुछ हिस्सों में अभी भी कर्फ्यू जारी है .

उन्होंने बताया कि स्कूल और कॉलेज बंद हैं. घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवा निलंबित है. बारामूला-बनिहाल लाइन पर रेल सेवा भी बाधित है. उन्होंने कहा, ‘‘कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में आज (शनिवार) को कर्फ्यू जारी रहेगा.” अधिकारियों ने श्रीनगर में बताया कि नौहाटा, रैनावाड़ी, खान्यार, सफाकदल और एमआर गुंग थाना क्षेत्रों में ‘‘कड़े प्रतिबंध” जारी हैं जबकि मैसुमा और क्राललखुद इलाकों में ‘‘आंशिक प्रतिबंध” जारी हैं.
दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के त्राल इलाके के एक गांव में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में अलकायदा से जुड़े समूह अंसार गजावत-उल-हिंद का स्वयंभू सरगना जाकिर राशिद भट उर्फ जाकिर मूसा शुक्रवार को मारा गया था. मूसा पाकिस्तान की निंदा के बाद कश्मीर घाटी में सुर्खियों में आया था और उसने प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन से रिश्ते तोड़कर अलकायदा के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की थी. कैरम खिलाड़ी मूसा ने किशोरावस्था में जम्मू कश्मीर का विभिन्न स्तरों पर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिनिधित्व किया था.
मूसा अप्रैल 2013 से आतंकी वारदातों में सक्रिय था. मूसा ने जब बुरहान वानी से मिलकर हथियार उठाया था तो तब वह इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष का छात्र था. बुरहान वानी को सुरक्षाबलों ने 2016 में एक मुठभेड़ में मार गिराया था. दक्षिण कश्मीर के स्थानीय लोगों के बीच मूसा की लोकप्रियता बीते तीन साल के दौरान बढ़ी और उसे वानी की मौत के बाद उसके स्वाभाविक उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाने लगा. उसने हालांकि 2016 में हुर्रियत नेताओं को एक वीडियो में धमकी देकर आतंकी समूहों और अलगाववादियों को चौंका दिया था. उसने कहा था कि अलगाववादी नेता कश्मीर के पाकिस्तान में विलय की बात को समर्थन देना बंद करें.
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