लोकसभा चुनाव 1952 : ....जब मक्खन वाले ने आंबेडकर को हराया
Updated at : 21 Apr 2019 6:18 AM (IST)
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव 1952 में संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को एक मक्खन वाले ने हरा दिया था. किस्सा कुछ ऐसा है कि कई मामलों में कांग्रेस के अड़ियल रुख के चलते आंबेडकर ने सितंबर 1951 में विधि एवं न्याय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसी दौरान चुनाव आ गए तो […]
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव 1952 में संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को एक मक्खन वाले ने हरा दिया था. किस्सा कुछ ऐसा है कि कई मामलों में कांग्रेस के अड़ियल रुख के चलते आंबेडकर ने सितंबर 1951 में विधि एवं न्याय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था.
इसी दौरान चुनाव आ गए तो आजादी के दौरान 1942 में बनायी शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन को सक्रिय कर आंबेडकर चुनाव में उतर पड़े. कुल 35 उम्मीदवार खड़े किये. खुद बॉम्बे उत्तर की सीट से चुनाव लड़े. कांग्रेस ने उनके मुकाबले दूध कारोबारी सदोबा नारायण काजोलकर को उतारा. जवाहरलाल नेहरू ने उनके लिए सभाएं करवायीं.
काजरोलकर ने मराठी में ‘कुथे तोघटनाकर आंबेडकर, आनी कुथे हा लोनिविक्या काजरोलकर’ यानी ‘कहां संविधान निर्माता आंबेडकर और कहां ये मक्खन बेचने वाला काजरोलकर’ जैसे जुमले चलाये. इस चुनाव में आंबेडकर 15 हजार वोट से हारे. काजरोलकर को 1,38,137 तथा आंबडेकर को 1,23,576 वोट. इसे तब की सबसे अप्रत्याशित हार मानी गयी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




