गंगा में गंदगी घोलनेवाले राज्यों में बंगाल सबसे आगे
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नयी दिल्ली : गंगा सफाई को लेकर किये गये दावे खोखले नजर आ रहे हैं. ‘क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया’ के सर्वे के मुताबिक, देश के 97 में से 66 कस्बों का कम-से-कम एक नाला गंगा नदी में खुलता है. इनमें से 31 पश्चिम बंगाल में थे. गंगा की सबसे बुरी हालत पश्चिम बंगाल में है. […]
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नयी दिल्ली : गंगा सफाई को लेकर किये गये दावे खोखले नजर आ रहे हैं. ‘क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया’ के सर्वे के मुताबिक, देश के 97 में से 66 कस्बों का कम-से-कम एक नाला गंगा नदी में खुलता है. इनमें से 31 पश्चिम बंगाल में थे. गंगा की सबसे बुरी हालत पश्चिम बंगाल में है.
पश्चिम बंगाल में गंगा से सटे करीब 40 कस्बों के 78 फीसदी नाले सीधे नदी में गिरते हैं. दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश है, जहां गंगा के किनारे स्थित 21 कस्बों के नाले का पानी गंगा नदी में गिरता है. सर्वेक्षण एक दिसंबर, 2018 से शुरू किया गया था. सर्वे में मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर द्वारा फोकस किये गये चार प्राथमिकता वाली जगहों पर फोकस किया गया.
सर्वे में सफाई, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सर्विस, ड्रेनेज सिस्टम और स्थानीय स्तर पर बने सॉलिड वेस्ट प्लांट को शामिल किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, गंगा बेसिन के केवल 19 कस्बों में एक में म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट प्लांट मौजूद था. 33 कस्बों के एक घाट पर ठोस कचरा मौजूद है. इसके अलावा 72 कस्बों में पुराने डंप साइट्स हैं.
बिहार के 56 फीसदी गंगा किनारे बसे शहरों के नाले सीधे गंगा में खुलते हैं.
कचरे रोकने के लिए जालियां या अन्य उपकरण नहीं
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