दुनिया की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा राजस्थान में, 351 फीट यह मूर्ति मार्च तक होगी तैयार, दिखेगी 20 किमी दूर से

Updated at : 19 Nov 2018 5:45 AM (IST)
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दुनिया की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा राजस्थान में, 351 फीट यह मूर्ति मार्च तक होगी तैयार, दिखेगी 20 किमी दूर से

गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशाल प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) के बाद अब राजस्थान के नाथद्वारा में भगवान शिव की 351 फीट ऊंची मूर्ति बनने जा रही है. यह दुनिया में अपनी तरह की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा होगी. इसके अगले वर्ष मार्च तक बन जाने की संभावना […]

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गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशाल प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) के बाद अब राजस्थान के नाथद्वारा में भगवान शिव की 351 फीट ऊंची मूर्ति बनने जा रही है. यह दुनिया में अपनी तरह की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा होगी.
इसके अगले वर्ष मार्च तक बन जाने की संभावना है. उदयपुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर श्रीनाथद्वारा के गणेश टेकरी में सीमेंट कंकरीट से बनी विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा का 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है.
प्रतिमा में भगवान शिव ध्यान और आराम की मुद्रा में हैं. इस प्रतिमा को ‘मिराज ग्रुप’ बना रहा है. इस प्रोजेक्ट के प्रभारी राजेश मेहता ने बताया कि प्रतिमा का 85 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है. मार्च, 2019 तक निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है. इस प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार नरेश कर रहे हैं. नरेश राजस्थान के पिलानी के रहने वाले हैं, लेकिन फिलहाल वह गुरुग्राम में रहते हैं. इसका शिलान्यास 18 अगस्त, 2012 को संत मुरारी बापू ने किया था.
पर्यटकों के लिए चार लिफ्ट
प्रतिमा में चार लिफ्ट और तीन सीढ़ियां बनायी जा रही हैं, ताकि पर्यटक इस प्रतिमा को देख सके.पर्यटक 280 फीट की ऊंचाई तक जा सकेंगे.
यूएस से आयी है लाइट, 20 किमी दूर से ही दिखेगी मूर्ति
प्रतिमा को 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कांकरोली फ्लाइओवर से देखा जा सकता है. इतनी ही दूरी से रात में भी प्रतिमा को स्पष्ट रूप से देखने के लिए इसमें विशेष लाइट लगायी जा रही है, जिसे अमेरिका से मंगाया गया है.
ऑस्ट्रेलिया से ली गयी तकनीक यहां बगीचे और थियेटर भी हैं
ऊंची पहाड़ी पर प्रतिमा स्थापित करने के बारे में ऑस्ट्रेलिया की एक कंपनी से हवा के वेग और रुख के बारे में तकनीकी जानकारी ली गयी है. इसके बाद निर्माण शुरू किया गया. पर्यटक इस विशालकाय शिव प्रतिमा के साथ-साथ यहां बने थियेटर, बगीचे आदि का भी आनंद ले सकेंगे
यहां भी हैं शिव की ऊंची प्रतिमाएं
मुरुदेश्वर मंदिर, कर्नाटक
तीनों ओर पानी से घिरे मंदिर में बनी भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित है.
123 फीट ऊंचाई
आदियोग मंदिर, तमिलनाडु
कोयंबटूर में भारत की ऐसी पहली प्रतिमा है, जो आधी बनी हुई है.
112 फीट ऊंचाई
कैलाशनाथ मंदिर, नेपाल
चित्तपोल में शिवजी की प्रतिमा को बनाने में छह साल व ‍Rs 11 करोड़ लगे हैं.
143 फीटऊंचाई
मंगल महादेव, मॉरीशस
झील के किनारे बने मंदिर की खूबसूरती देखकर हर कोई हैरान रह जाता है.
108 फीट ऊंचाई शिव प्रतिमा, उत्तर प्रदेश
इलाहाबाद में गंगा नदी के किनारे शिवजी की यह प्रतिमा बनायी गयी है.
108 फीट
ऊंचाई
हर की पौड़ी, उत्तराखंड
यह भगवान िशव की मूर्ति हरिद्वार के हर की पौड़ी के पास स्थित है.
100 फीट
ऊंचाई
निर्माण कार्य
03 लाख बोरे सीमेंट
2500 टन एंगल
2500 टन सरिया
750 कारीगर व श्रमिक प्रतिदिन काम कर रहे हैं
16 एकड़ में है पूरा परिसर
राजस्थान में निर्माण
351 फीट ऊंची है भगवान शिवजी की प्रतिमा
70 फीट लंबा होगा महादेव का चेहरा
16 फीट ऊंचा होगा जूड़ा
275 फीटकी ऊंचाई पर गर्दन
160 फीट की ऊंचाई पर कंधा
175 फीट की ऊंचाई पर महादेव का कमरबंद
150 फीट पंजे से घुटने तक की ऊंचाई
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