Rafel Deal : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में बतायी विमान की कीमत
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Nov 2018 5:55 PM
नयी दिल्ली : केंद्र ने फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के सौदे की कीमत से संबंधित विवरण सोमवार को सीलबंद लिफाफे में उच्चतम न्यायालय में पेश किया. केंद्र सरकार के वकील ने बताया कि सीलबंद लिफाफे में न्यायालय को इन विमानों की कीमतों से अवगत कराया गया है. शीर्ष अदालत ने […]
नयी दिल्ली : केंद्र ने फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के सौदे की कीमत से संबंधित विवरण सोमवार को सीलबंद लिफाफे में उच्चतम न्यायालय में पेश किया. केंद्र सरकार के वकील ने बताया कि सीलबंद लिफाफे में न्यायालय को इन विमानों की कीमतों से अवगत कराया गया है.
शीर्ष अदालत ने 31 अक्तूबर को केंद्र सरकार से कहा था कि इन 36 लड़ाकू विमानों की कीमतों का विवरण दस दिन के भीतर पेश किया जाये. हालांकि, इस मामले में सुनवाई की पिछली तारीख पर केंद्र विमानों की कीमतों का विवरण देने के लिए अनिच्छुक था और अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षतावाली पीठ से कहा भी था कि इनकी कीमतों को संसद से भी साझा नहीं किया गया है. शीर्ष अदालत 36 लड़ाकू राफेल विमानों की कीमतों के बारे में सीलबंद लिफाफे में पेश किये गये इस विवरण का 14 नवंबर को अवलोकन करेगी. न्यायालय में राफेल सौदे से संबंधित याचिकाएं 14 नवंबर को सुनवाई के लिए ही सूचीबद्ध हैं.
केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि राफेल विमानों की खरीद में रक्षा खरीद प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया और बाद में इस सौदे को मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने भी अपनी मंजूरी प्रदान की. केंद्र ने राफेल विमानों की खरीद के बारे में शीर्ष अदालत को सौंपे दस्तावेज में अपना रुख साफ किया. न्यायालय ने विमानों की खरीद का निर्णय लेने की प्रक्रिया में उठाये गये कदमों का पूरा विवरण सरकार से मांगा था. न्यायालय के निर्देशानुसार सरकार ने ये दस्तावेज भाजपा के पूर्व नेताओं और केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी सहित सभी याचिकाकर्ताओं को सौंपे हैं. सरकार ने 14 पेज के हलफनामे में कहा है कि राफेल विमान खरीद में रक्षा खरीद प्रक्रिया-2013 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया है और मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने 24 अगस्त, 2016 को उस समझौते को मंजूरी भी दी जिस पर भारत और फ्रांस के वार्ताकारों के बीच हुई बातचीत के बाद सहमति बनी थी.
दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि इसके लिए भारतीय वार्ताकार दल का गठन किया गया था जिसने करीब एक साल तक फ्रांस के दल के साथ बातचीत की और अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले सक्षम वित्तीय प्राधिकारी, मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति, की मंजूरी भी ली गयी. शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि इन विमानों की खरीद के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में उठाये गये कदमों सहित सारा विवरण, जिसे वैध तरीके से सार्वजनिक दायरे में लाया जा सकता है. इस मामले में याचिका दायर करनेवाले पक्षों को उपलब्ध कराया जाये. न्यायालय ने केंद्र से यह भी कहा था कि फ्रांस से खरीदे जा रहे इन 36 राफेल लड़ाकू विमानों की कीमतों का विवरण भी दस दिन के भीतर सीलबंद लिफाफे में उसके समक्ष पेश किया जाये.
शीर्ष अदालत ने केंद्र से स्पष्ट कहा था कि यदि कीमतों का विवरण ‘विशेष’ है और इसे न्यायालय के साथ साझा नहीं किया जा सकता, तो केंद्र को यह जानकारी देते हुए, इस बारे में हलफनामा दाखिल करना चाहिए. न्यायालय के इसी आदेश का पालन करते हुए सरकार ने ‘36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का आदेश देने के लिये निर्णय लेने की प्रक्रिया में उठाये गये कदमों का विवरण’ शीर्षक यह दस्तावेज दाखिल किया है. केंद्र ने बाद में सीलबंद लिफाफे में इन विमानों की कीमत का विवरण भी न्यायालय में पेश किया.
भारतीय वायुसेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के मकसद से भारत ने पूरी तरह सुसज्जित 36 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए फ्रांस के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये थे. इस सौदे की अनुमानित लागत करीब 58,000 करोड़ रुपये है. दो इंजनवाले इन लड़ाकू विमानों का निर्माण फ्रांस की कंपनी दसाल्ट एविसेशन द्वारा किया जा रहा है. राफेल सौदे की जांच के लिए अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा और फिर अधिवक्ता विनीत ढांडा ने याचिकाएं दायर कीं. इसके बाद, आप पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी अलग से एक याचिका दायर की. पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी तथा अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने भी इस मामले में एक संयुक्त याचिका दायर की है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










