हिमाचल त्रासदी: परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ मामला, खोज जारी

Updated at : 11 Jun 2014 1:41 PM (IST)
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हिमाचल त्रासदी: परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ मामला, खोज जारी

मंडी (हिमाचल प्रदेश) : लारजी हाइड्रोपावर परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है. वहीं ब्यास नदी के तेज बहाव में बहे बाकी 19 इंजीनियरिंग छात्रों और टूर गाइड का पता लगाने के लिए बचाव दल के लोग आज भी विशाल गोलाश्मों और कीचड की मोटी परत से जूझे. ब्‍यास […]

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मंडी (हिमाचल प्रदेश) : लारजी हाइड्रोपावर परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है. वहीं ब्यास नदी के तेज बहाव में बहे बाकी 19 इंजीनियरिंग छात्रों और टूर गाइड का पता लगाने के लिए बचाव दल के लोग आज भी विशाल गोलाश्मों और कीचड की मोटी परत से जूझे.

ब्‍यास नदी हादसे का खौफनाक वीडियो जारी

उधर, मंडी पुलिस अधीक्षक आर एस नेगी ने आज कहा कि लारजी परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 336 (दूसरों की जिंदगी या निजी सुरक्षा को खतरे में डालना) और 304-ए (लापरवाही के चलते मौत) के तहत मामला दर्ज किया गया है. परियोजना अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी छात्रों के साथ गए एक अध्यापक ए. आदित्य ने दर्ज कराई. इस दौरान हैदराबाद के कॉलेज के लापता छात्रों की खोज का काम थोड़ा ही आगे बढ़ सका.

दो दिनों की सघन खोज के बाद सिर्फ तीन लड़कियों और दो लड़कों के शव ही बरामद किए जा सके हैं. शेष 20 लोग अभी भी लापता हैं. एनडीआरएफ के कमांडिंग अधिकारी जयदीप सिंह ने कहा, थालोट (घटनास्थल) से लेकर पंडोह बांध तक ब्यास नदी के 20 किलोमीटर के दायरे में सघन खोज अभियान चलाया जा रहा है लेकिन नदी गोलाश्मों से अटी है और कीचड का स्तर भी बहुत ज्यादा है. शव या तो गोलाश्मों के नीचे दबे हैं या कीचड में धंस गए हैं और हम हर गोलाश्म की छानबीन कर रहे हैं. एनडीआरएफ के 20 गोताखोरों और सेना के 18 गोताखोरों समेत 84 लोगों का दल खोज में लगा है और पंडोह बांध की ओर बहने वाली धारा में शवों के मिलने की संभावना बहुत कम है.

खोजी दलों को अपेक्षा है कि फूले हुए शव कल तक सतह पर आ जाएंगे लेकिन लापता लोगों के जिंदा बचे होने की संभावना बिल्कुल शून्य है. सोमवार को बरामद किए गए चार शवों को हैदराबाद ले जाया गया और कल वहां उनका अंतिम संस्कार किया गया. पांचवा शव देवाशीष बोस का था, जिसे कल शाम को हैदराबाद ले जाया गया. अधिकारियों ने कहा कि बर्फ के पिघलने पर आधारित नदी होने के कारण ब्यास में पानी का स्तर दिन चढ़ने के साथ बढ़ता जाता है और रात में शीर्ष तक पहुंच जाता है. सुबह के समय न्यूनतम स्तर होता है और खोज अभियान तुलनात्मक रुप से आसान रहते हैं.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रत्येक पीडित के परिवार के लिए डेढ लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है और राज्य विद्युत विभाग को निर्देश भी दिए हैं कि वह बांध से पानी छोडते हुए अतिरिक्त सावधानी बरते. उन्होंने कहा कि अन्य संवेदनशील और खतरनाक क्षेत्रों समेत सभी बांधों पर दो से तीन किलोमीटर के दायरे तक बाड बांधी जाएगी. इसके अलावा लोगों को सावधान करने के लिए पर्याप्त साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे.

तेलंगाना के गृहमंत्री एन नरसिम्हा रेड्डी पिछले दो दिनों से लापता छात्रों के माता-पिता और परिवारों के साथ मंडी में ही हैं. रेड्डी ने इस दुर्घटना के लिए परियोजना के अधिकारियों को दोषी ठहराया और कहा कि कॉलेज प्रबंधन समेत, जो कोई भी इस मामले में दोषी पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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