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अविश्वास प्रस्ताव में हार के बाद चंद्रबाबू नायडू का ऐलान, 2019 के चुनाव के लिए एनडीए में शामिल नहीं होगी टीडीपी

Updated at : 21 Jul 2018 8:29 PM (IST)
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अविश्वास प्रस्ताव में हार के बाद चंद्रबाबू नायडू का ऐलान, 2019 के चुनाव के लिए एनडीए में शामिल नहीं होगी टीडीपी

नयी दिल्ली : शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में हार के बाद शनिवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने ऐलान करते हुए कहा कि भाजपा अगर 2019 के आम चुनाव के लिए संपर्क करे, तब भी वह एनडीए भी शामिल नहीं होगी. इसके साथ ही, […]

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नयी दिल्ली : शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में हार के बाद शनिवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने ऐलान करते हुए कहा कि भाजपा अगर 2019 के आम चुनाव के लिए संपर्क करे, तब भी वह एनडीए भी शामिल नहीं होगी. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ‘नैतिकता बनाम बहुमत’ की लड़ाई थी.

इसे भी पढ़ें : 199 मतों से गिरा अविश्वास प्रस्ताव, मोदी बोले चार साल काम के बूते खड़ा हूं और अड़ा भी हूं

नायडू ने कहा कि टीडीपी राज्य के लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की खातिर 2014 में राजग में शामिल हुई थी. हम सत्ता के भूखे नहीं है. हमें कभी भी कैबिनेट सीटों की आकांक्षा नहीं रही. उन्होंने कहा कि हमने आंध्र प्रदेश को न्याय दिलाने के लिए उनके (भाजपा सरकार) साथ चार साल इंतजार किया, लेकिन उन्होंने राज्य के लोगों के साथ धोखा किया. हम कैसे यकीन कस लें कि वे दोबारा ऐसा नहीं करेंगे.

नायडू ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि शुक्रवार का अविश्वास प्रस्ताव हमारी नैतिकता और भाजपा के बहुमत के बीच लड़ाई थी. उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए दूसरे विपक्षी दलों का आभार जताया. एनडीए सरकार ने शुक्रवार को करीब 12 घंटे तक चली बहस के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर जीत हासिल की थी. देर रात 11 बजकर 10 मिनट पर जब मतविभाजन हुआ, प्रस्ताव के पक्ष में 126 जबकि विपक्ष में 325 मत पड़े.

शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान बीजद के संसद से बाहर चले जाने से विपक्ष की एकता में दरार का साफ पता चला था. इसे लेकर नायडू ने कहा कि वह (बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक) पुराने दोस्त हैं, वे हमारे साथ आ जायेंगे. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई आकांक्षा नहीं है. यह पूछे जाने पर कि भाजपा के आंध्र प्रदेश को दूसरे लाभ देने का वादा करने पर क्या टीडीपी एनडीए में शामिल हो सकती है? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि नहीं. मैं बस अपने राज्य के लिए न्याय चाहता हूं. टीडीपी विशेष राज्य के दर्जे की मांग पूरी ना होने पर इस साल की शुरूआत में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए से अलग हो गयी थी.

नायडू ने कहा कि शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मोदी का उनके ‘सक्षम नेतृत्व की दागी नेताओं’ के साथ तुलना करना ‘मूर्खतापूर्ण’ था. टीडीपी अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को उनसे ज्यादा परिपक्व बताने पर कहा कि मैं प्रधानमंत्री से भी वरिष्ठ हूं. वे ऐसा कैसे कह सकते हैं? मैं 1995 में मुख्यमंत्री बना था, जबकि मोदी 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनें.

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