सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दो व चार पहिया वाहनों के लिए थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य किया जाये
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Jul 2018 8:16 AM
नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि दो पहिया और चार पहिया वाहनों की थर्ड पार्टी बीमा को अनिवार्य बनाया जाये, ताकि सड़क हादसों के पीड़ितों को मुआवजा मिल सके. बीमा कंपनियों को इसे व्यवसायिक हित के बजाय मानवीय नजरिये से देखना चाहिए. कोर्ट ने सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की एक […]
नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि दो पहिया और चार पहिया वाहनों की थर्ड पार्टी बीमा को अनिवार्य बनाया जाये, ताकि सड़क हादसों के पीड़ितों को मुआवजा मिल सके. बीमा कंपनियों को इसे व्यवसायिक हित के बजाय मानवीय नजरिये से देखना चाहिए.
कोर्ट ने सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की एक कमेटी की सिफारिशों का जिक्र करते हुए यह कहा. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. एस राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली कमेटी ने यह सिफारिश की है कि दो पहिया या चार पहिया वाहनों की बिक्री के वक्त थर्ड पार्टी इंश्योंरेंस (बीमा) को एक साल की बजाय क्रमश: पांच साल और तीन साल के लिए अनिवार्य किया जाये. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश की सड़कों पर चल रहे 18 करोड़ वाहनों में सिर्फ छह करोड़ के पास ही थर्ड पार्टी बीमा है. सड़क हादसों के पीड़ितों या मृतकों को मुआवजा नहीं मिल रहा है क्योंकि वाहनों को थर्ड पार्टी कवर नहीं है.
पीठ ने कहा कि थर्ड पार्टी बीमा को चार पहिया वाहनों के लिए तीन साल की अवधि के लिए और दो पहिया वाहनों के लिए पांच साल के लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए. न्यायालय ने कहा कि थर्ड पार्टी बीमा को अनिवार्य बनाना होगा. पीठ ने कहा कि इस पर मानवीय नजरिये से देखा जाये, न कि व्यावसायिक हितों के दृष्टिकोण से. सुप्रीम कोर्ट ने इरडा को इस मुद्दे पर एक सितंबर से पहले फैसला लेने को कहा.
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