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बुराड़ी मौत : ‘पांच आत्माओं'' का पता लगाने में जुटी पुलिस, उज्जैन के तांत्रिक का जुटा एंगल

Updated at : 06 Jul 2018 9:23 AM (IST)
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बुराड़ी मौत : ‘पांच आत्माओं'' का पता लगाने में जुटी पुलिस, उज्जैन के तांत्रिक का जुटा एंगल

नयी दिल्ली: बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की रहस्यमीय मौत की दिल्ली पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि क्या इसमें कोई ‘‘बाहरी प्रभाव ‘ था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच आगे बढ़ने के दौरान कुछ रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने परिवार के एक […]

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नयी दिल्ली: बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की रहस्यमीय मौत की दिल्ली पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि क्या इसमें कोई ‘‘बाहरी प्रभाव ‘ था. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच आगे बढ़ने के दौरान कुछ रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने परिवार के एक सदस्य के बारे में ‘‘कुछ विचित्र बातें ‘ सुनने को मिली थीं लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया.

परिवार के ललित नामक सदस्य को लेकर ही विचित्र बातें सुनने को मिलती थीं. ललित खुद पर पिता की आत्मा आने का दावा करता था और वह अपने पिता के अलावा चार अन्य आत्माओं को मुक्ति दिलाना चाहता था. नौ जुलाई 2015 को रजिस्टर के एक पन्ने में लिखा है – अपने सुधार में गति बढ़ा दो, तुम्हारा धन्यवाद करता हूं कि तुम भटक जाते हो पर फिर एक दूसरे की बात मानकर एक छत के नीचे मेल मिलाप कर लेते हो.पांच आत्माएं अभी मेरे साथ भटक रही हैं. अगर तुम अपने में सुधार करोगे तो उन्हें भी गति मिलेगी. तुम तो सोचते होगे कि हरिद्वार जाके सब कुछ कर आएं तो गति मिल जाएगी. जैसे मैं इस चीज के लिए भटक रहा हूं ऐसे ही सज्जन सिंह, हीरा, दयानंद, गंगा देवी मेरे सहयोगी बने हुए हैं. ये भी यही चाहते हैं कि तुम सब सही कर्म करके अपना जीवन सफल बनाओ. अगर हमारे नियमित काम पूरे हो जाएंगे तो हम अपने वास को लौट जाएंगे.

इन जिन चार नामों का रजिस्टर में जिक्र किया गया है, उनके बारे में पुलिस पता लगाने की कोशिश में जुटी है. इस मामले के तार उज्जैन से जुड़ रहे हैं. एक शख्स ने डेढ़ साल पहले पीड़ित परिवार से भेंट की थी और कहा जा रहा है कि आत्महत्या की स्क्रिप्ट लगभग उसी समय तैयार हो गयी. भाटिया परिवार उज्जैन के मृर्तरी गुफा मंदिर इलाके में गया था जहां उनसे तांत्रिक क्रियाएं करायी गयी थीं, जिसका उल्लेख रजिस्टर में है. क्षिप्रा नदी के तट पर पूजा की गयी थी. इस मामले में श्रीकांत धावरे नामक चश्मदीद सामने आया है, जिसने स्वीकार किया है कि उसने भाटिया परिवार से भेंट की थी, तब वे लोग बहुत परेशान थे. तब भाटिया परिवार को तांत्रिक को मुंहमांगी रकम नहीं मिलने पर पूरे परिवार का सर्वनाश हाेने का शाप देने की बात बतायी जा रही है.



पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. वे शवों के विसरा को फोरेंसिक जांच के लिए भेजेंगे ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि सदस्यों को जहर दिया गया था अथवा नहीं.

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रजिस्टर को जांच के लिए भेजा जाएगा

घटनास्थल से बरामद रजिस्टर को जांच के लिए हस्तलेखन विश्लेषण के लिए भेजा जाएगा जबकि पुलिस को विश्वास है कि रजिस्टर लिखने वालों में 33 वर्षीय प्रियंका भी शामिल है. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि सभी 11 सदस्यों ने फांसी लगा ली थी और लड़ाई या संघर्ष का कोई संकेत नहीं है. पुलिस ने अभी तक निर्णय नहीं किया है कि किसी मनोरोग विशेषज्ञ की सहायता ली जाए ताकि मृतक सदस्यों की मनोदशा को समझा जा सके. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वे जांच कर रहे हैं कि क्या ललित किसी के प्रभाव में ऐसी बातें करता था. उसने दावा किया था कि उसके अंदर उसके पिता की आत्मा है. उन्होंने कहा, ‘‘ इस बात की जांच की जा रही है कि क्या ललित के दिमाग में इस तरह की बातें उसका कोई नजदीकी व्यक्ति भर रहा था या वह किसी मनोरोग से पीड़ित था. जांच में इस बात पर ध्यान केंद्रित होगा कि क्या कोई बाहरी प्रभाव था.’

ललित करता था दावा – उस पर आती है पिता की आत्मा

अधिकारी ने यह भी कहा कि शुरुआत मेंरुचि नहीं लेने के बाद अब कुछ रिश्तेदार ललित के व्यवहार के बारे में बातें करने लगे हैं. अधिकारी ने बताया, ‘‘ललित की पत्नी टीना ने अपनी बहनों और कुछ अन्य रिश्तेदारों से कहा था कि ललित में कभी – कभी उसके पिता की आत्मा आती है. बहरहाल, उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी भी उसे विचित्र तरीके से व्यवहार करते नहीं देखा.’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने कभी नहीं सोचा कि यह चिंता की बात हो सकती है क्योंकि उसके व्यवहार के कारण उसके परिवार के किसी सदस्य को कोई नुकसान नहीं हुआ. बजाए इसके परिवार पिछले 11 वर्षों में समृद्ध हुआ जब ललित उन भ्रांतियों में पड़ने लगा.’

बहरहाल ललित के भाई और बहन को इस बारे में कुछ पता नहीं है जो राजस्थान और हरियाणा में रहते हैं. बुराड़ी में इस परिवार के 11 सदस्यों में से दस के शव रविवार को कमरे में लटकते पाए गए थे जबकि परिवार की मुखिया 77 वर्षीय नारायणी देवी का शव घर के दूसरे कमरे में फर्श पर पड़ा हुआ था.

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