आतंकवाद फैलाने वाला पाकिस्तान हमें सीख ना दे : सुषमा स्वराज

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नयी दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अफगानिस्तान में फंसे छह भारतीय इंजीनियरों की रिहाई पर कहा कि जिस दिन यह खबर आयी थी मैंने उसी दिन अफगानिस्तान के विदेश मंत्री से बात की थी, उन्होंने पूरी जानकारी लेकर मुझे फोन किया था और कहा था कि उनकी रिहाई के लिए हम प्रयासरत हैं. […]

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नयी दिल्ली :
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अफगानिस्तान में फंसे छह भारतीय इंजीनियरों की रिहाई पर कहा कि जिस दिन यह खबर आयी थी मैंने उसी दिन अफगानिस्तान के विदेश मंत्री से बात की थी, उन्होंने पूरी जानकारी लेकर मुझे फोन किया था और कहा था कि उनकी रिहाई के लिए हम प्रयासरत हैं. चार-पांच दिनों तक जब उनकी रिहाई की कोई सूचना नहीं आयी तो मैंने पत्र लिखा और पूछा कि हमारे नागरिकों की रिहाई पर क्या प्रयास हुए हैं, तो उन्होंने मुझसे कहा कि वे भले ही आपके देश के नागरिक हैं, लेकिन उनकी रिहाई हमारा दायित्त है. मैंने अफगानिस्तान में फंसे इन छह लोगों के परिवारों से अलग-अलग बातचीत तो नहीं की, लेकिन जिस कंपनी के वे स्टाफ हैं उनसे लगातार संपर्क में हूं और रिहाई के लिए प्रयास कर रही हूं.

वहीं पाकिस्तान के साथ वार्ता पर विदेश मंत्री ने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ बातचीत के कभी खिलाफ नहीं हैं, लेकिन आतंकवाद और बातचीत दोनों साथ-साथ नहीं चल सकते. पाकिस्तान जबतक आतंकवाद पर लगाम नहीं कसेगा चाहे चुनाव से पहले या चुनाव के बाद उससे बातचीत नहीं हो सकती है. जहां गिलगित को पांचवां प्रदेश बनाने की बात है तो हमने उसी दिन आपत्ति जता थी जिस दिन ऐसी सूचना आयी थी. वैसे भी जो देश इतिहास को तोड़मरोड़कर पेश करता है, जो आतंकवाद फैलाता है, वह हमें सीख ना दें.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एच4 और एच1बी वीजा के बारे में बताया कि हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि यह वीजा रद्द ना हो और इसके लिए हम अमेरिका से बात कर रहे हैं, हम कांग्रेस और सीनेट के मेंबर से भी बात कर रहे हैं कुछ सीनेटर हमारे पक्ष में आये हैं और उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से यह कहा है कि आप वीजा रद्द ना करें, क्योंकि इससे अमेरिका की इकोनॉमी पर असर पड़ेगा, अब निर्णय अमेरिका को ही करना है, हम तो कोशिश कर सकते हैं जो हम कर रहे हैं.

दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के बीच मध्यस्थता के बारे में पूछे गये सवालों पर सुषमा स्वराज ने कहा कि इन देशों से हमारे द्विपक्षीय संबंध चल रहे हैं, जहां तक मध्यस्थता की बात है, तो किसी ने भी हमसे ऐसे करने को नहीं है इसलिए हम कोई मध्यस्थता नहीं कर रहे हैं.

उक्त बातें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपनी सरकार केचार वर्ष के कार्यकाल का पूरा लेखा-जोखा प्रेस कॉन्फ्रेस में रखते हुए कही.. इस अवसर पर विदेश मंत्रालय की एक पुस्तिका का भी लोकार्पण किया गया. पुस्तिका का नाम रखा गया है -अद्‌भुत संपर्क, असाधारण उपलब्धियां.

पुस्तिका के बारे में जानकारी देते हुए सुषमा स्वराज ने बताया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में जिन देशों से पहली बार संपर्क हुआ जहां राष्ट्रपति गये, उनकी जानकारी है. हमने संयुक्त राष्ट्र के 192 देशों से संपर्क किया और उन देशों से भी संपर्क साधा जहां हमारे देश से कोई मंत्री स्तर का व्यक्ति भी नहीं गया था.

विदेश मंत्री ने बताया कि हमारे चार साल के कार्यकाल में 90 हजार भारतीयों को विदेशों से छुड़ाया गया. आज विदेशों में भारतीय शांति से अपना जीवन जी रहे हैं. विदेशों में हमारे प्रतिष्ठा बढ़ी है आज विदेशों में भारत की बातों को सुना जा रहा है.

सुषमा स्वराज ने बताया कि हमने 186 देशों से मंत्रीस्तरीय वार्ता की है और वहां की यात्रा भी की है. हमने देश में 227 नये पासपोर्ट केंद्र खोले, साथ ही भारतीय भाषाओं प्रमोशन के लिए भी काम किया. हमारी यह कोशिश है कि देश की विदेश नीति गांवों और आम लोगों तक पहुंचे.
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