मोबाइल पर तीन बार तलाक बोलकर बीवी को छोड़ा, मामला दर्ज
इंदौर : विवादास्पद तीन तलाक प्रथा के ताजा मामले में युवा पेशेवर ने कथित तौर पर दहेज की मांग पूरी न होने के चलते शादी के महज डेढ़ महीने बाद मोबाइल फोन पर तीन बार तलाक बोला और अपनी पत्नी से वैवाहिक रिश्ता खत्म करने का ऐलान कर दिया. पुलिस ने विवाहिता को प्रताड़ित करने […]
इंदौर : विवादास्पद तीन तलाक प्रथा के ताजा मामले में युवा पेशेवर ने कथित तौर पर दहेज की मांग पूरी न होने के चलते शादी के महज डेढ़ महीने बाद मोबाइल फोन पर तीन बार तलाक बोला और अपनी पत्नी से वैवाहिक रिश्ता खत्म करने का ऐलान कर दिया.
पुलिस ने विवाहिता को प्रताड़ित करने के आरोप में उसके पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मंगलवारको मामला दर्ज किया. महिला पुलिस थाने की प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि 26 वर्षीय महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसके शौहर अतीक खान (30) ने 25 मार्च को पढ़ाये गये निकाह के कुछ दिन बाद उस पर दहेज का दबाव बनाया. उससे कहा गया कि वह अपने मायके से दहेज के रूप में पांच लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल लाये. उन्होंने पीड़ित महिला की पहचान का खुलासा किये बगैर कहा कि आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को कुछ दिन पहले ससुराल से निकाल दिया गया. इसके बाद पीड़ित महिला जब अपने मायके में रह रही थी, तो उसके पति ने सोमवार को 14 मई को कथित रूप से मोबाइल फोन पर तलाक, तलाक, तलाक बोलकर कहा कि दोनों के बीच वैवाहिक रिश्ते को खत्म माना जाये.
शर्मा ने बताया कि पुलिस ने विवाहिता की शिकायत पर उसके पति के साथ सास-ससुर और जेठ-जेठानी के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 498-ए (किसी स्त्री के पति या पति के नातेदार द्वारा उसके प्रति क्रूरता), धारा 506 (धमकाना) और धारा 323 (मारपीट) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है. उधर, अपनी पत्नी को कथित रूप से मोबाइल फोन पर तलाक देनेवाले अतीक ने अपने खिलाफ लगाये गये दहेज प्रताड़ना के आरोपों को खारिज किया. उसने दावा किया, मेरी पत्नी कुछ निजी कारणों से मुझसे आजादी चाहती थी. इसलिए मुझे उसे मजबूरन तलाक देना पड़ा. उसने मुझे धमकी दी थी कि अगर मैंने उसे तलाक नहीं दिया, तो वह जहर खाकर जान दे देगी.
मौजूदा समय में तीन तलाक प्रथा के औचित्य के बारे में पूछे जाने पर अतीक ने कहा, यह (प्रथा) शरीयत में है. हम शरीयत का पालन करते हैं. अगर हम शरीयत का पालन नहीं करेंगे, तो इस्लाम से खारिज हो जायेंगे. उसने कहा, चूंकि पुराने जमाने में मोबाइल फोन का ईजाद नहीं हुआ था, तो इस उपकरण के जरिये तलाक नहीं दिया जा सकता था. लेकिन, अब तकनीक इतनी शक्तिशाली हो गयी है कि मोबाइल फोन पर भी तलाक दिया जा सकता है.
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