हरे रंग के आधे चांद-सितारे वाले झंडों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की पीठ करेगी सुनवार्इ
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 May 2018 10:07 PM
नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि इमारतों तथा धार्मिक स्थलों पर आधे चांद और सितारे वाले हरे रंग के झंडे फहराने पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर ‘उचित पीठ’ सुनवाई करेगी. याचिका न्यायमूर्ति एनवी रमण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आयी. […]
नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि इमारतों तथा धार्मिक स्थलों पर आधे चांद और सितारे वाले हरे रंग के झंडे फहराने पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर ‘उचित पीठ’ सुनवाई करेगी. याचिका न्यायमूर्ति एनवी रमण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आयी. पीठ ने कहा कि मामले को उस पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाना चाहिए, जिसे जनहित याचिकाओं पर सुनवाई का दायित्व सौंपा गया है. न्यायमूर्ति रमण ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील से कहा कि हमारे पास जनहित याचिकाओं का रोस्टर नहीं है. पीठ ने अपने आदेश में कहा कि इसे उचित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध कीजिए.
इसे भी पढ़ेंः VIDEO : … जब भारतीय मुसलमानों ने जलाया पाकिस्तानी झंडा, लगाये पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि मुंबई और देश के अन्य स्थानों पर दौरे के दौरान उन्होंने कई इमारतों तथा धार्मिक स्थलों पर इस तरह के झंडे लगे देखे, जो हिंदू और मुसलमानों के बीच कथित तौर पर तनाव का एक कारण हैं. याचिका में आग्रह किया गया है कि इमारतों तथा धार्मिक स्थलों पर आधे चांद और सितारे वाले हरे रंग के झंडे लगाये जाने को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह पाकिस्तान मुस्लिम लीग के झंडे से मिलता-जुलता है, जो देश के दुश्मन से संबंधित है.
याचिका में इस झंडे को गैर-इस्लामी करार दिया गया. इसमें दावा किया गया कि चांद सितारे वाले हरे झंडे का मूल 1906 में नवाज वकार उल मलिक तथा मोहम्मद अली जिन्ना द्वारा स्थापित मुस्लिम लीग से जुड़ा है, लेकिन वर्तमान में इसे भारतीय मुस्लिम इस्लामी झंडा समझकर इस्तेमाल कर रहे हैं. याचिका में कहा गया कि इस तरह के झंडे मुस्लिम बहुल इलाकों में लगे होते हैं.
इसमें दावा किया गया कि हरी पृष्ठभूमि में चांद-सितारे कभी भी इस्लामी परंपरा का हिस्सा नहीं रहे हैं और न ही इस्लाम में इसकी कोई भूमिका या महत्व है. इसमें आग्रह किया गया कि गलत विश्वास के चलते लोगों द्वारा धार्मिक झंडा समझकर दुश्मन के झंडे फहराने की ओर सरकारी एजेंसियों को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










