पीएम मोदी ने मन की बात में कल्पना चावला को किया याद, बिहार के मानव शृंखला की तारीफ की

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Jan 2018 10:56 AM

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में अपने विचार रखे. मन की बात का कार्यक्रम का यह इस साल का पहला व अबतक का 40वां संस्करण है. इसका प्रसारण डीडी न्यूज पर भी किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में हाल के कई आयोजन व […]

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में अपने विचार रखे. मन की बात का कार्यक्रम का यह इस साल का पहला व अबतक का 40वां संस्करण है. इसका प्रसारण डीडी न्यूज पर भी किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में हाल के कई आयोजन व कार्यक्रमों का जिक्र किया. उन्होंने गणतंत्र दिवस पर दस देशों के राष्ट्र प्रमुखों के भारत आने का उल्लेख करते हुए अपनी बात को महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित रखा. प्रधानमंत्री ने इस क्रम में अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला सहित कई महिला हस्तियों का उल्लेख किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रकाश त्रिपाठी जी ने मुझे एक पत्र लिखा है कि एक फरवरी को अंतरिक्ष में जाने वाले कल्पना चावला की पुण्यतिथि है. कोलंबिया अंतरिक्ष यान दुर्घटना में वे हमें छोड़ कर चली गयीं. कल्पना चावला ने यह सीख दी कि करने की इच्छा हो तो महिलाओं के लिए कुछ भी मुश्किल नहीं है. प्राचीन काल से हमारे देश में महिलाओं का सम्मान, उनका ज्ञान पूरी दुनिया को अचंभित करता आया है. वेद ऋचाओं को रचने में भारतीय महिलाओं का बड़ा योगदान है. लोपा मुद्रा, गार्गी, मैत्रीय न जाने कितने ऐसे नाम हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में लिखा है कि दस पुत्रों के बराबर एक बेटी है. हमारी नारियां हमें प्रेरित करती आयी हैं. श्रीमान त्रिपाठी ने लंबे पत्र में कई चीजें लिखी हैं. उन्होंने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण का सुखोई से उड़ान का उल्लेख किया है. उन्होंने सुखोई की महिला पायलटों का उल्लेख किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे यहां नारी हमें प्रेरित करती रही हैं. पिछले दिनों राष्ट्रपति जी ने एक नयी पहल की. वे पिछले दिनों वैसी महिलाओं से मिले जिन्होंने अपने-अपने जीवन में कुछ अलग किया है, वे उनसे मिले. अपने क्षेत्र की फर्स्ट लेडी ने अपने क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि हासिल की. उन्होंने दिखाया कि तमाम बाधाओं के बाद एक नया मार्ग तय किया जा सकता है. आने वाली पीढ़ी को एक नये जोश से भर देगा.

फर्स्ट एचिवर नाम से एक किताब भी तैयार कीगयी है. आज देश में आ रहे बदलाव में महिला शक्ति की भूमिका है. इस क्रम में मैं एक स्टेशन की चर्चा करूंगा. मुंबई का माटूंगा एक ऐसा रेलवे स्टेशन है, जहां सभी पदों पर महिलाएं तैनात हैं. वहां 40 से अधिक महिला कर्मचारी तैनात हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी महिलाओं ने कमाल कर दिखाया है. जब आदिवासी समाज का जिक्र होता है तो मन में एक तसवीर बनती है: जंगल होता है, पगडंडियां होती हैं और सिर पर लकड़ी उठाकर महिला चलती हैं. लेकिन, दंतेवाड़ा में आदिवासी महिलाएं ई-रिक्शा चला कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. कम समय में बहुत सारी महिलाएं इससे जुड़ गयी हैं. इससे जहां स्वराेजगार से वे आत्मनिर्भर हो रही है, वहीं माओवाद सीमित हो रहा है और पर्यावरण की रक्षा हो रही है. यहां के जिला प्रशासन की मैं सराहना करता हूं.

हम बार-बार कहते हैं कि कुछ बात है कि हस्ती हमारी मिटती नहीं है. इसका कारण क्या है? इसका कारण है हमारा लचीलापन, सेल्फ करेक्शन. किसी भी जीवंत समाज की पहचान होती है कि उसका सेल्फ करेकटिंग मैकेनिज्म. हाल में बिहार में एक पहल हुई है. बिहार में 13 हजार किलोमीटर लंबी श्रृंखला बनायी गयी है. नारी शक्ति के लिए यह एक सराहनीय पहल है.

जन औषधि केंद्र पर मिलने वाली सस्ती दवाओं के संबंध में प्राप्त एक पत्र का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आज देश भर में एक हजार जन औषधि केंद्र खोले गये हैं.

पश्चिम बंगाल की सुभाषिनी मिस्त्री की पीएम मोदी ने तारीफ की. उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी जिंदगी गरीबों के लिए अस्पताल बनाने के लिए कार्य किया जिसके लिए वे असमय अपने पति की मौत के कारण प्रेरित हुईं. उन्होंने कहा कि हमारे आसपास समाज के लिए जीवन यापन करने वाले लोग बड़ी संख्या में हैं. उन्हें सामने लाना चाहिए. वे मान-सम्मान के लिए ऐसा कार्य नहीं करते. उन्हें स्कूलों व कॉलेजों में बुलाकर सुनना चाहिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम नौ जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाते हैं, इसी दिन महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे. इस बार हमने इस मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमें दुनिया भर में भारतीय मूल के सभी सांसदों व मेयर को बुलाया था. बड़ी संख्या में इसमें लोग शामिल हुए. मुझे खुशी है कि वे उस देश की तो सेवा कर ही रहे हैं, साथ ही भारत के साथ अपना मजबूत संबंध बनाया रखा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 30 जनवरी को बापू की पुण्यतिथि है, उसे हम शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं. पूज्य बापू जिन आदर्शों को लेकर जीये, जो बातें उन्होंने हमें बतायी वे आज भी प्रासंगिक हैं. वे कोरे सिद्धांत नहीं थे. वर्तमान में हम देखते हैं कि वे बातें कितनी सही थीं. हम उनके बताये रास्ते पर चलें तो इससे बड़ी श्रद्धांजलि उन्हें क्या होगी.

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