केजरीवाल के 20 विधायकों की सदस्‍यता रद्द, माकन बोले, 1 महीना पहले आता फैसला तो टूट जाती AAP

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नयी दिल्ली : कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने को स्पष्ट तौर पर ‘भ्रष्टाचार का मामला’ करार दिया. और नैतिक के आधार पर कांग्रेस ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इस्तीफा की मांग की. पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में दिल्ली में सत्तारूढ़ ‘आप’ […]

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नयी दिल्ली : कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने को स्पष्ट तौर पर ‘भ्रष्टाचार का मामला’ करार दिया. और नैतिक के आधार पर कांग्रेस ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इस्तीफा की मांग की.

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में दिल्ली में सत्तारूढ़ ‘आप’ और केन्द्र में सत्तारूढ़ भाजपा के बीच मिलीभगत है. इसी कारण ‘आप’ विधायकों को अयोग्य साबित करने के मामले को लटकाया गया. यह फैसला राज्यसभा में दिल्ली की तीन सीटों के लिए हुए चुनाव से पहले किया जाना चाहिए था.

कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस ने जून 2016 में ही चुनाव आयोग को याचिका देकर कहा था कि दिल्ली सरकार द्वारा 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया जाना गलत है. उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार दिल्ली में केवल सात मंत्री ही हो सकते हैं. किंतु इन 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाकर एक तरह से उन्हें मंत्री बना दिया गया. वह मंत्री की तरह बैठकों में भाग लेते थे.

उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा एवं ‘आप’ की मिलीभगत है तभी इस मामले को टाला गया. उन्होंने दावा किया कि 22 दिसंबर को राज्यसभा चुनाव की अधिघोषणा से पहले यदि इन विधायकों को अयोग्य करार दिया जाता तो ‘आप में फूट पड़ जाती.’ उन्होंने सवाल किया कि 22 दिसंबर से लेकर 19 जनवरी के बीच ऐसा क्या बदल गया कि चुनाव आयोग ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की सिफारिश राष्ट्रपति के पास भेजी. इसे पहले क्यों नहीं भेजा गया?

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि भ्रष्टाचार का विरोध कर सत्ता में आयी आप को यह जवाब देना चाहिए कि ‘इससे बड़ा भ्रष्टाचार क्या हो सकता है?’ उन्होंने कहा कि केजरीवाल को नैतिकता के आधार पर हट जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कल कांग्रेस कार्यकर्ता केजरीवाल के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर उनसे इस्तीफे की मांग करेंगे.

उन्होंने आप के इस दावे को गलत बताया कि चुनाव आयोग ने पार्टी के पक्ष को नहीं सुना. माकन ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने इस मामले में 11 विभिन्न तारीखों पर सुनवाई की. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 20 ‘आप’ विधायकों को अयोग्य घोषित करने की चुनाव आयोग की अनुशंसा को आज स्वीकार लिया. ‘आप’ विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त किया गया था और इस की नियुक्ति को लाभ के पद के तौर पर माना गया.

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