क्या देश को सचमुच बुलेट ट्रेन की जरूरत है? रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 884 शब्दों में दिया ये जवाब

नयी दिल्ली : रेल मंत्री पीयूष गोयल ने केंद्र सरकार की बुलेट ट्रेन परियोजना का बचाव करते हुए कहा कि यह देश के विकास की योजना का हिस्सा है. ऑनलाइन सवाल पूछने और जवाब एकत्रित करने वाली वेबसाइट क्योरा पर गोयल ने एक सवाल के जवाब में यह बात कही. वेबसाइट में पूछा गया था, […]
नयी दिल्ली : रेल मंत्री पीयूष गोयल ने केंद्र सरकार की बुलेट ट्रेन परियोजना का बचाव करते हुए कहा कि यह देश के विकास की योजना का हिस्सा है. ऑनलाइन सवाल पूछने और जवाब एकत्रित करने वाली वेबसाइट क्योरा पर गोयल ने एक सवाल के जवाब में यह बात कही. वेबसाइट में पूछा गया था, क्या देश को वाकई बुलेट ट्रेन की जरुरत है गोयल सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं.
उन्होंने वेबसाइट में पूछे गये सवाल का 884 शब्दों में जवाब दिया. गोयल ने मुंबई-अहमदाबाद उच्च गति रेल परियोजना, जिसे बुलेट ट्रेन परियोजना भी कहते हैं, का बचाव किया. इसके साथ उन्होंने कुछ ग्राफिक्स और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें भी साझा कीं. गोयल ने कहा कि भारत तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्था है और इसकी कई विकास संबंधी आवश्यकताएं हैं. भारत की विकास योजना का प्रमुख घटक यह है कि मौजूदा रेल नेटवर्क को अपग्रेड किया जाए साथ ही में उच्च गति रेल गलियारे का विकास किया जाए जिसे बुलेट ट्रेन के तौर पर जाना जाता है.
रेल मंत्री ने कहा कि राजग सरकार की मुंबई-अहमदाबाद उच्च गति रेल परियोजना लोगों के लिए सुरक्षा, गति और सेवा के एक नये युग की शुरुआत करेगी और भारतीय रेलवे को पहुंच, गति और कौशल के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अगुआ बनने में मदद देगी. गोयल ने कहा कि किसी प्रौद्योगिकी को शुरू करने का अक्सर विरोध होता है लेकिन यह आखिरकार बदलाव लाती है.
उन्होंने कहा, नयी प्रौद्योगिकी को कई बार विरोध का सामना करना पडता है. बहरहाल, इतिहास हमें बताता है कि नयी प्रौद्योगिकी देश की प्रगति के लिए काफी फायदेमंद होती है. रेल मंत्री ने वर्ष 1968 में राजधानी ट्रेनों को शुरू करने का उदाहरण दिया. तब इसका विरोध रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष समेत कई लोगों ने किया था.
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