असम विधानसभा में UCC विधेयक पेश , बिल में बहुविवाह पर बैन का प्रावधान, जानें और क्या है इसमें खास
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 25 May 2026 10:40 AM
असम विधानसभा (Photo: PTI)
असम सरकार ने विधानसभा में UCC विधेयक पेश किया जिसका विपक्ष ने विरोध किया. विधानसभा में पेश यूसीसी विधेयक का उद्देश्य क्या है जानें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा ने विधानसभा में “यूनिफॉर्म सिविल कोड, असम विधेयक 2026” पेश किया. इस बिल को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है. विपक्षी दलों के विधायकों ने असम विधानसभा में यूसीसी विधेयक पेश किए जाने का विरोध किया. विधेयक पेश किए जाने से पहले सभी पक्षकारों के साथ व्यापक चर्चा की मांग की. विधानसभा में पेश यूसीसी विधेयक के अनुसार इसका उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और सह जीवनसाथी संबंध से संबंधित कानूनों को कंट्रोल करना है.
On behalf of Assam Chief Minister Dr Himanta Biswa Sarma, Assam Parliamentary Affairs Minister Atul Bora tabled "The Uniform Civil Code, Assam, Bill, 2026" in the Assam assembly.
— ANI (@ANI) May 25, 2026
असम विधानसभा में पेश किए गए यूसीसी विधेयक का उद्देश्य बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाना, पुरुषों के लिए न्यूनतम विवाह की उम्र 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष निर्धारित करना है.
असमिया लोगों को क्या फायदा होगा ये बताए सरकार : कांग्रेस
असम कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जाकिर हुसैन सिकदर ने यूसीसी बिल पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी जरूरत क्या है? इसे लाने से पहले असम की राजनीतिक पार्टियों से सलाह क्यों नहीं ली गई? उन्होंने आरोप लगाया कि यूसीसी बीजेपी का राजनीतिक एजेंडा है और इससे आम असमिया लोगों को क्या फायदा होगा, यह सरकार को बताना चाहिए.
#WATCH | Guwahati, Assam | On UCC Bill, Working President of the Assam Pradesh Congress Committee (APCC), Jakir Hussain Sikdar says, “We already asked why it is needed? The parties of Assam should have been consulted, which was not done. UCC is a political agenda of the BJP…… pic.twitter.com/XD1OXJ7a67
— ANI (@ANI) May 25, 2026
असम में यूसीसी बिल पर कांग्रेस विधायक एके रशीद आलम ने कहा कि पहले यह देखना होगा कि बिल में क्या प्रावधान हैं, इसकी जरूरत है या नहीं और इसके फायदे-नुकसान क्या हैं. उन्होंने कहा कि विरोध और चर्चा के बाद ही इस पर साफ राय बन पाएगी.
#WATCH | Guwahati, Assam | On UCC Bill, Congress MLA AK Rasheed Alam says, "We will have to see what provisions it has, whether it is needed or not, what are its merits and demerits. We can only know this after the protests."
— ANI (@ANI) May 25, 2026
On fuel price hike, he says, "Just look at how it… pic.twitter.com/RyowaNvR2S
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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