'सबको जहर खिलाओ और मजे से जियो', तेल कीमतों में चौथी बढ़ोतरी पर फूटा लोगों का गुस्सा, देश के चारों कोने से आई आवाज
Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 25 May 2026 12:06 PM
पेट्रोल पंप पर तेल भराता हुआ व्यक्ति. फोटो- ANI.
Petrol Diesel Price Hike Public Outrage: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से देशभर में लोगों की परेशानी बढ़ गई है. दिल्ली समेत कई शहरों में पेट्रोल 100 रुपये के पार पहुंच गया है. आम जनता ने सरकार से टैक्स कम करने और राहत देने की मांग की है.
Petrol Diesel Price Hike Public Outrage: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम लोगों की जेब पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है. सोमवार को ईंधन की कीमतों में फिर इजाफा होने के बाद दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद और असम समेत कई शहरों में लोगों ने नाराजगी जताई और सरकार से राहत देने की मांग की. पिछले दो हफ्तों से भी कम समय में यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है.
दिल्ली में पेट्रोल 100 रुपये के पार
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 2.61 रुपये बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई. वहीं डीजल 2.71 रुपये महंगा होकर 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. इसी तरह कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई. कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर हो गया. मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया. वहीं चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
दिल्ली: ‘सैलरी नहीं बढ़ रही, लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहा’
दिल्ली निवासी सुनील कुमार ने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर पड़ रहा है. उन्होंने लोगों को मिलने वाले कम वेतन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मौजूदा सैलरी से बढ़ते खर्च संभालना मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा, ‘पेट्रोल की कीमतें कुछ हद तक कम होनी चाहिए. आम लोगों के लिए यह कम होनी चाहिए. आम जनता अपना पैसा खर्च कर रही है, कोई और नहीं. हमारे वेतन नहीं बढ़ रहे हैं लेकिन पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई हैं. ईंधन की कीमतों में वृद्धि के साथ, सब्जियों जैसी हर चीज की दरें भी बढ़ेंगी. जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा.’
दिल्ली के ही स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने कहा कि टैक्सी किराया नहीं बढ़ रहा, जबकि पेट्रोल के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं. उन्होंने सरकार से टैक्स कम करने या किराया बढ़ाने की मांग की. उन्होंने कहा, ‘टैक्सी का किराया नहीं बढ़ रहा है, लेकिन पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. सरकार को या तो टैक्सी का किराया बढ़ाना चाहिए या कर कम करने चाहिए ताकि आम आदमी पर बोझ न पड़े.’
बेंगलुरु: लोगों ने सरकार पर साधा निशाना
बेंगलुरु के निवासी अब्दुल्ला ने बढ़ती कीमतों पर निराशा जताते हुए कहा कि आम लोग मजबूर हैं और सरकार के फैसलों का असर सीधे उन पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा, ‘अगर सरकार ऐसा कर रही है तो हम क्या कर सकते हैं? इससे हमें बहुत परेशानी हो रही है, लेकिन हम क्या कर सकते हैं?’
बेंगलुरु के ही स्थानीय निवासी राम सैयद सरदार ने भारतीय जनता पार्टी के ‘अच्छे दिन’ के वादे पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की. उन्होंने कहा, ‘महंगाई बहुत ज्यादा है और इसका हम पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है. स्थिति बहुत कठिन है; अगर सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम कर दे तो बहुत मदद मिलेगी. उन्होंने (केंद्र सरकार ने) कहा था कि अच्छे दिन आएंगे. वे ‘अच्छे दिन’ आ चुके हैं. बस सबको जहर खिलाओ और मजे से जियो.’
बेंगलुरु के टैक्सी चालक विजय ने कहा कि लगातार बढ़ते पेट्रोल दामों ने टैक्सी चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. उनके मुताबिक किराया नहीं बढ़ रहा, जबकि खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘कीमतें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं. हम टैक्सी चालकों को समझ नहीं आ रहा कि कैसे गुजारा करें. हर दिन पेट्रोल की कीमतें बढ़ती हैं और हमें यह नहीं पता कि ग्राहकों से कितना किराया लें. अगर पर्यटक वाहनों का इस्तेमाल बंद कर देंगे, तो हम पर बहुत बुरा असर पड़ेगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह सब युद्ध की वजह से हो रहा है; भारत अभी भी अन्य देशों से बेहतर स्थिति में है.’
बेंगलुरु निवासी नासिर ने कहा कि सरकार को आम लोगों की समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक हफ्ते में 9 रुपये की बढ़ोतरी लोगों के लिए बड़ा झटका है. उन्होंने कहा, ‘यह पहली बार है जब एक सप्ताह के भीतर 9 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. मैं सरकार से अपील करता हूं कि वह आवश्यक कदम उठाए और इस समस्या से निपटने के लिए उचित निर्णय ले. मुझे पता है, यह एक संकट है. यह सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर हो रहा है. लेकिन अन्य देश इससे बहुत अच्छे से निपट रहे हैं; उन्होंने बहुत अच्छे से प्रबंधन किया है. वे लोगों की परवाह करते हैं, लेकिन हमारी सरकार मध्यम वर्ग के लोगों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय केवल उनकी यात्राओं की परवाह करती है.’
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असम और अहमदाबाद में भी दिखा असर
असम के अर्नव शर्मा ने कहा कि डीजल महंगा होने से सार्वजनिक परिवहन का खर्च भी बढ़ जाएगा. उन्होंने कहा, ‘कीमतों में वृद्धि आम लोगों के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन फिर भी हमें काम पर जाना पड़ता है. सरकार को इस बारे में कुछ करना चाहिए. पिछले 10 दिनों में चौथी बार कीमतें बढ़ी हैं. डीजल की कीमतों में वृद्धि के साथ, सार्वजनिक परिवहन की कीमतों में भी वृद्धि होगी.’
एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा कि महंगाई से हर वर्ग परेशान है और कीमतें कम होने से सभी को राहत मिलेगी. उन्होंने कहा, ‘सभी को परेशानी हो रही है. अगर कीमतें कम होती हैं, तो यह सभी के लिए फायदेमंद होगा. महंगाई बढ़ रही है, इसलिए रोजगार भी बढ़ना चाहिए.’
अहमदाबाद निवासी सुल्तान सिंह ने कहा कि बढ़ती ईंधन कीमतों ने आम आदमी का जीवन मुश्किल बना दिया है. उन्होंने सरकार से दाम कम करने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘हम क्या कर सकते हैं? महंगाई बेतहाशा बढ़ रही है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से मुश्किलें बढ़ गई हैं, लेकिन इसके बिना हमारा काम नहीं चल सकता. मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि सरकार को आम आदमी के बारे में थोड़ा सोचना चाहिए और पेट्रोल और डीजल की कीमतों को उचित सीमा तक लाने की कोशिश करनी चाहिए.’
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह है और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और निम्न आय वर्ग पर पड़ेगा. उन्होंने कहा, ‘पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर अभी कोई कुछ नहीं कर सकता. चल रहा युद्ध इसका मुख्य कारण है. हालांकि, इस बढ़ोतरी से गरीब परिवारों, खासकर हमारे कैब ड्राइवरों जैसे निम्न आय वर्ग के लोगों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा. उन्हें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. उनकी बचत कम हो जाएगी और कुल मिलाकर महंगाई बढ़ती रहेगी. सरकार को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिए और कुछ जरूरी कदम उठाने चाहिए.’
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महंगाई और बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल, डीजल और CNG की बढ़ती कीमतों का असर अब ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी दिखाई देगा. इससे सामान ढुलाई महंगी होगी और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में घरेलू बजट और व्यापारिक परिवहन दोनों पर दबाव और बढ़ने की संभावना है.
ANI के इनपुट के साथ.
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By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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