AI से बन रहीं फर्जी डॉक्टर की पर्चियां, क्या फेल हो जाएंगे सरकार के नए नियम?

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बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) डॉ. धीरन गुप्ता (Photo: ANI)

भारत सरकार ने 12% से अधिक अल्कोहल वाली दवाओं की बिना डॉक्टर की पर्ची के बिक्री पर रोक लगा दी है. बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरन गुप्ता ने इस कदम का स्वागत करते हुए बच्चों पर ऐसे दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में बताया है.

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Drugs New Rule : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 12% से अधिक अल्कोहल वाले दवाओं की बिना डॉक्टर की पर्ची (ओवर-द-काउंटर) बिक्री पर रोक लगा दी है. दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician)  डॉ. धीरन गुप्ता ने इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि यह कदम पहले ही उठा लिया जाना चाहिए था. उन्होंने फर्जी डॉक्टर की पर्चियों पर भी अपनी राय रखी.

डॉ. धीरन गुप्ता ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी एक नई चुनौती बनकर सामने आई है. उनका कहना है कि अब AI की मदद से फर्जी डॉक्टर की पर्चियां भी आसानी से बनाई जा सकती हैं. ऐसे में ऑनलाइन दवाओं की बिक्री पर कड़ी निगरानी और सख्त कंट्रोल बहुत ही जरूरी है.


डॉ. धीरन गुप्ता ने कहा कि अल्कोहल वाली दवाएं लेने से हर बार तुरंत कोई गंभीर दिक्कत नहीं होती, लेकिन बच्चों में इसका असर धीरे-धीरे बढ़ सकता है. कई बार इसका पता भी नहीं चलता. उन्होंने कहा कि माता-पिता को समझना चाहिए कि अनजाने में वे अपने बच्चों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. उन्होंने शुगर-फ्री सिरप को बेहतर ऑप्शन बताया.


डॉक्टर ने कहा कि सरकार के नए नियम सही हैं, लेकिन इन्हें लागू करना आसान नहीं होगा. इसके लिए सरकार, दवा विक्रेताओं और सबसे ज्यादा पेरेंट्स को जिम्मेदारी से नियमों का पालन करना होगा.

दवा को लेकर क्या है नया नियम?

केंद्र सरकार ने 12 प्रतिशत से ज्यादा इथाइल अल्कोहल वाली दवाओं पर सख्ती बढ़ा दी है. अब ऐसी दवाएं बिना लाइसेंस या बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी. सरकार का कहना है कि इन दवाओं का गलत इस्तेमाल और नशे के लिए उपयोग बढ़ रहा था, इसलिए इन्हें कड़ी निगरानी में लाया गया है. नए नियम के तहत अब इन दवाओं की खरीद-बिक्री केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही हो सकेगी.


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अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

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