मोदी ने टाटा घराने को दिया 33 हजार करोड़ कर्ज, इतने में माफ हो जाता गुजरात के किसानों का कर्ज : राहुल

भरूच (गुजरात) : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आज दक्षिण गुजरात के भरूच से तीन दिन की नवसर्जन यात्रा की शुरुआत की है.दिलचस्प यह किगुजरातके दादा फिरोज गांधी का पैतृक घर भरूचही है. इस दौरान उन्होंने जम्बुसर में एक जनसभा को संबाेधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते […]
भरूच (गुजरात) : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आज दक्षिण गुजरात के भरूच से तीन दिन की नवसर्जन यात्रा की शुरुआत की है.दिलचस्प यह किगुजरातके दादा फिरोज गांधी का पैतृक घर भरूचही है. इस दौरान उन्होंने जम्बुसर में एक जनसभा को संबाेधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए औद्योगिक घराने टाटा समूह का नाम लिया. राहुल गांधी इससे पूर्व भी सावर्जनिक मंच से कुछ प्रमुख औद्योगिक घरानों का नाम ले चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उन्हें लाभ पहुंचाने व आमलोगों के हितों का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है. राहुल गांधी ने आज यहां कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने टाटा घराने को 33 हजार करोड़ रुपयेकर्ज दे दिया, ताकि यहां नैनो कार की फैक्ट्री लगे. आपकी जमीन उन्हें दी, पानी दिया, लेकिन आज गुजरात एवं हिंदुस्तान में कहीं नैनो कार नहीं दिखती है. राहुल गांधी ने कहा कि टाटा घराने को मोदी ने जितना कर्ज दिया उतने में गुजरात केसारे किसानों का कर्ज माफ किया जा सकता था. राहुल गांधी ने कहा कि यह नरेंद्र मोदी का गुजरात मॉडल है.
Aapki zameen li, Tata company ko di. Rs 33,000 crore mein Gujarat ke kisaano ka karza maaf kiya jaa sakta hai: Rahul Gandhi in Bharuch pic.twitter.com/HRsvWghwVx
— ANI (@ANI) November 1, 2017
राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए सवालिया लहजे में कहा कि आपने कहीं नैनो कार सड़क पर देखी क्या? पूरे हिंदुस्तान में यह कहीं नहीं दिखती है. ध्यान रहे कि पश्चिम बंगाल के सिंगुर में नैनो की प्रस्तावित फैक्ट्री का ममता बनर्जी द्वारा विरोध किये जाने के बाद टाटा समूह के प्रमुख रहे रतन टाटा ने गुजरात का रुख किया था और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से वहां फैक्ट्री लगाने के लिए सहमति प्राप्त हुई थी.राहुलगांधी ने कहा कि जमीन, पानी, बिजली उद्योगपतियों को दे दी जाती है. नर्मदा का पानी उद्योगपतियों को दे दिया जाता है, किसानों को नहीं दिया जाता है.
राहुल गांधी ने कहा कि यही हाल शिक्षा का है. गुजरात में 90 प्रतिशत शिक्षण संस्थान बड़े-बड़े उद्योगपतियों के हैं. गुजराज का कोई युवा पढ़ना चाहता है तो उसे पांच, दस, पंद्रह लाख रुपये निकालने होते हैं. प्राइवेज कॉलेज उन्हें जाना पड़ता है. कई सरकारी स्कूल बंद हो गये.
राहुल गांधी ने कहा कि यही हाल शिक्षा का है. बीमार होने पर उसे उद्योगपतियों को अस्पताल में इलाज कराने जाना होता है. कैंसर हुआ हो या दिल का दौरा पड़ा हो, पैसा नहीं है तो आपको वहां स निकाल बाहर फेकेंगे.
उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया के तहत कहीं रोजगार नहीं मिला. राहुल गांधी ने कहा कि हमारा मुकाबला चीन से है और आबादी लगभग बराबर है, वहां हर दिन 50 हजार युवाओं को रोजगार मिलता है, जबकि हमारे यहां 450 युवाओं को. उन्होंने कहा कि जब आप सेल्फी के लिए मोबाइल का बटन दबाते हो तो गुजरात व हिंदुस्तान के एक युवा को नहीं बल्कि चीन के एक युवा को रोजगार मिलता है.
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी ने पूरा काम पांच-दस उद्योगपतियों को सौंप दिया है. छोटे व्यापारी व स्मॉल इंडस्ट्रीज का हाल बुरा है.
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