प्रद्युम्न हत्याकांड: दूसरे वार के बाद तड़पकर हुई थी मौत, स्कूल मालिकों की अग्रिम जमानत का विरोध करेंगे पिता

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Sep 2017 9:36 AM

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गुरुग्राम : प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में रेयान इंटरनेशनल स्कूल मैनेजमेंट पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. गिरफ्तारी के डर से रेयान के मालिकों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगायी है जिसपर बुधवार को सुनवाई होगी. मंगलवार को हाईकोर्ट ने पिंटो फैमिली को एक दिन की राहत देते हुए सुनवाई के […]

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गुरुग्राम : प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में रेयान इंटरनेशनल स्कूल मैनेजमेंट पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. गिरफ्तारी के डर से रेयान के मालिकों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगायी है जिसपर बुधवार को सुनवाई होगी. मंगलवार को हाईकोर्ट ने पिंटो फैमिली को एक दिन की राहत देते हुए सुनवाई के लिए बुधवार का दिन मुकर्रर किया था. इधर, मामले में मृतक प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर बॉम्बे हाईकोर्ट में स्कूल के मालिकों की अग्रिम जमानत याचिका के विरोध में अर्जी दाखिल करेंगे. कोर्ट में अर्जी देकर प्रद्युम्न के पिता अनुरोध करेंगे कि इस मामले में पिंटू फैमली की जमानत याचिका खारिज की जाए. इससे पहले वरुण ने सीबीआइ जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दी थी.

इस खबर के इतर, गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में जिस सात वर्षीय बच्चे की हत्या की गयी उसके पोस्टमार्टम से पता चला है कि उस पर यौन हमला नहीं किया गया और ज्यादा खून बहने से उसकी मौत हुई. बंबई हाइकोर्ट ने रेयान इंटरनेशनल समूह के संस्थापक चेयरमैन ऑगस्टिन पिंटों और उनकी पत्नी व प्रबंध निदेशक ग्रेस पिंटो को गिरफ्तारी से बुधवार तक के लिए अंतरिम राहत प्रदान की.

बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर दीपक माथुर ने कहा कि बच्चे के शरीर पर कट के दो निशान थे और नस काटी गयी थी, जिस वजह से वह मदद मदद के लिए चिल्ला नहीं सका. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में दूसरी बात यह सामने आयी है कि बच्चे की मौत अधिक खून बहने की वजह से हुई है. दूसरे वार के बाद तड़पकर बच्चे की मौत हुई थी. बच्चे पर कोई यौन हमला नहीं हुआ और उसके स्कूली ड्रेस पर वीर्य का कोई निशान भी नहीं मिला. गुरुग्राम प्रशासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति ने जिला आयुक्त विनय प्रताप सिंह को रिपोर्ट सौंप दी है.

उन्होंने बताया कि समिति को स्कूल की तरफ से कई खामियों का पता चला है. मसलन, खिड़की टूटी हुई थी, कंडक्टर व ड्राइवर का पुलिस सत्यापन नहीं किया गया. उधर, पुलिस ने बच्चे के दो सहपाठियों के बयान रिकॉर्ड किये हैं. गुरुग्राम की इस जघन्य घटना के बाद केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोगों से आग्रह किया कि भय का कोई माहौल नहीं होना सुनिश्चित किया जाये. उन्होंने कहा कि उनका विनम्र निवेदन है कि देश में लाखों में स्कूल हैं और ऐसे में भय का माहौल नहीं बनाया जाना चाहिए और बच्चों का स्कूल जाना जारी रखना चाहिए.

उधर, हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि नियमों को ताक पर रखने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. सरकार बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर है. नियमों का पालन करने के लिए स्कूलों को आदेश दिये गये हैं.

शिक्षकाओं के आदेश पर घायल बच्चे को कार में पहुंचाया
पुलिस के मामले की गुत्थी सुलझाने में लगे होने के बीच सुभाष गर्ग नाम के एक कारोबारी ने दावा किया कि कंडक्टर ने दो शिक्षकाओं के आदेश पर घायल बच्चे को एक कार में पहुंचाया था, ताकि उसे अस्पताल ले जाया जा सके. गर्ग ने कहा कि वह शुक्रवार को अपने बेटे की स्कूल फीस जमा करने के लिए वहां गये थे और स्कूल के मुख्य रिसेप्शन पर खड़े थे तभी उन्होंने कुछ शोर सुना. उन्होंने कहा कि मैंने देखा कि अशोक कुमार (कंडक्टर) घायल बच्चे को लेकर जा रहा था और दो शिक्षिकाएं एवं दो छात्र उनके पीछे पीछे चल रहे थे. उनमें से एक शिक्षिका रो रही थी. उसने अशोक से बच्चे को कार की पिछली सीट पर रखने को कहा. गर्ग ने कहा, स्कूल की इमारत के भूतल पर स्थित छोटे से शौचालय में चारों तरफ खून के धब्बे थे. अशोक की कमीज पर खून के धब्बे थे जो इस कारण लगे हो सकते हैं कि वह लड़के को लेकर कार की तरफ ले गया था.उन्होंने साथ ही दावा किया अशोक सामान्य व्यवहार कर रहा था जो अपराध को अंजाम देना वाला कोई व्यक्ति शायद ही करता है. गर्ग ने उस दौरान 1.14 मिनट का एक वीडियो भी रिकार्ड किया था. स्कूल के बस चालक सौरभ राघव ने भी दावा किया है कि स्कूल के शिक्षकों ने अशोक को बलि का बकरा बनाया है.

सुप्रीम कोर्ट 15 को करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह देशभर के स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा दिशा-निर्देशों को लागू करने की मांग करने वाली दो महिला वकीलों की याचिका पर 15 सितंबर को सुनवाई करेगा. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की पीठ ने कहा कि उसने गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में बर्बरता से मार दिये गये बच्चे के पिता की इसी प्रकार की अर्जी पर पहले ही नोटिस जारी कर दिया है. वकील आभा शर्मा और संगीता भारती ने याचिका दायर की है.

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