नये सिरे से आकलन करवाने के मूड में केंद्र सरकार : फ्रिज, एसी या कार है, तो कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं!
Updated at : 08 Aug 2017 6:56 AM (IST)
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नयी दिल्ली : केंद्र सरकार शहरी क्षेत्र के परिवारों की आर्थिक स्थिति का नये सिरे से आकलन कराने की तैयारी में है. इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि किसी परिवार को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की जरूरत है भी या नहीं? एक अंगरेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार शहरी क्षेत्र में जिन परिवारों […]
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नयी दिल्ली : केंद्र सरकार शहरी क्षेत्र के परिवारों की आर्थिक स्थिति का नये सिरे से आकलन कराने की तैयारी में है. इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि किसी परिवार को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की जरूरत है भी या नहीं?
एक अंगरेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार शहरी क्षेत्र में जिन परिवारों के पास चार रूम का फ्लैट या चारपहिया वाहन या एयर कंडिशनर है, तो वह कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों की सूची से खुद बाहर हो जायेंगे. इस पर प्रस्ताव पर अमल हुआ, तो दस में से छह परिवार सूची से बाहर हो जायेंगे.
नये सिरे से आकलन : आवास, सामाजिक स्थिति और पेशा बनेगा आधार
देबरॉय कमेटी की सिफारिश
सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण को लागू करने के लिए बनी बिबेक देबरॉय कमेटी ने इस संबंध में रिपोर्ट तैयार की है. इसके मुताबिक जिन परिवारों के पास रेफ्रिजरेटर, वॉशिंग मशीन व दोपहिया वाहन तीनों हैं, उन्हें कल्याणकारी
योजनाओं के लाभ से मुक्त करने की बात है.समिति की सिफारिश के तहत 59 प्रतिशत परिवार आकलन के दायरे में आ जायेंगे. इससे पहले, हाशिम कमेटी ने 2012 में शहरी गरीबी पर एक रिपोर्ट दाखिल की थी, लेकिन सरकार ने इसे मंजूर नहीं किया था.
सरकारी योजनाओं का देश के निचले तबके तक पूरा लाभ पहुंचाने के लिए सरकार 2011 की सामाजिक, आर्थिक और जाति जनगणना (एसइसीसी) के डेटा का इस्तेमाल करेगी.
योजनाओं के लाभ के लिए एसइसीसी डेटा का इस्तेमाल
अभी केवल ग्रामीण विकास मंत्रालय अपने कार्यक्रमों और कुछ अन्य विभाग उज्ज्वला योजना जैसी स्कीमों के लिए इस डेटा का इस्तेमाल करते हैं.
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार प्रत्येक सब्सिडी के लिए पात्र लोगों को चुनने के मकसद से यह फॉर्मूला तैयार होगा.
आकलन का नया आधार
कमेटी ने योजनाओं के लाभ के लिए परिवारों के आवास, पेशा और सामाजिक स्थिति को आधार बनाने की सिफारिश की है. ऐसे में जो परिवार बेघर या पॉलीथिन की छत के नीचे गुजारा कर रहा है, जिसकी आमदनी का कोई स्थायी जरिया नहीं है या कमाने की उम्र के पुरुष सदस्य नहीं हैं या जिस परिवार का मुखिया कोई बच्चा है, उन्हें कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों की सूची में स्वतः जोड़ने की सिफारिश की गयी है.
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