Jet Fuel Crisis: फ्लाइट से जाने वालों की जेब होगी ढीली, 2026 में हो सकती हवाई किराये में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी

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इंडिगो फ्लाइट

ईरान-अमेरिका युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट से आवाजाही बाधित होने के बाद उपजे ऊर्जा संकट का असर हवाई किराये पर भी लगातार दिखाई दिया है. अब एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में जेट ईंधन के क्रैक स्प्रेड का मूल्य 50 डॉलर से अधिक हो सकता है और हवाई किराये में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है...

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Jet Fuel Crisis: मैकिंजे की एक रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और रिफाइनरी की दिक्कतों की वजह से हवाई ईंधन की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे आने वाले समय में हवाई सफर काफी महंगा हो सकता है और हवाई किराया 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकता है. जेट फ्यूल क्रैक स्प्रेड 50 डॉलर के पार जा सकता है. ऐतिहासिक रूप से जेट फ्यूल का क्रैक स्प्रेड (कच्चे तेल और तैयार विमान ईंधन की कीमत का अंतर) आमतौर पर 20 डॉलर प्रति बैरल या उससे कम रहता है. लेकिन, साल 2026 में यह उछलकर औसतन 50 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो सकता है. आम तौर पर किसी भी एयरलाइन टिकट की कुल लागत का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन की लागत दोगुनी होने की स्थिति में एयरलाइंस इसका बोझ यात्रियों पर डालेंगी, जिससे एयर फेयर में 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

सप्लाई घटने के मुख्य कारण

उत्पादन घटा : खाड़ी के देश और एशियाई देश, जो मिलकर दुनिया के कुल जेट फ्यूल की 40 फीसदी सप्लाई करते हैं, यहां के प्रमुख जेट फ्यूल निर्यातकों ने 28 फरवरी यानी युद्ध शुरू होने के बाद से लगातार अपना उत्पादन घटाया है.

एक्सपोर्ट पर पाबंदी: पश्चिम एशिया/यूएस-इरान तनाव के बाद भारत, चीन और दक्षिण कोरिया ने अपने जेट फ्यूल निर्यात पर आंशिक रूप से प्रतिबंध लगा दिये हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर सप्लाई की कमी को पूरा करना मुश्किल हो रहा है. इसके अलावा दुनिया की कई बड़ी रिफाइनरियां पहले से ही अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं, इसलिए वे अचानक उत्पादन नहीं बढ़ा सकतीं.

हॉर्मुज जलडमरू का असर: मैकिंजे की रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही बढ़ती है, तो कीमतों का दबाव थोड़ा कम हो सकता है. लेकिन अभी कई देश अपने रणनीतिक भंडार को दोबारा भरने में लगे हैं, इसलिए टैंकरों की आवाजाही सामान्य होने के बाद भी जेट फ्यूल की कीमतें कई महीनों तक ऊंची बनी रह सकती हैं.

पहले से ही टिकट पर लग रहा है फ्यूल सरचार्ज

मार्च 2026 के बाद से एयरलाइंस ने टिकट की मूल कीमत के ऊपर फ्यूल सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है.भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने मार्च और अप्रैल में दो चरणों में सरचार्ज बढ़ाया. इसके तहत घरेलू उड़ानों में दूरी के हिसाब से पर टिकट 275 से 950 रुपये तक और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 900 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक का अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज जोड़ा गया है. एयर इंडिया ने भी अप्रैल से दूरी के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज लागू किया है. घरेलू रूट्स पर प्रति टिकट 299 रुपये से लेकर 899 रुपये तक (2000 किमी से अधिक दूरी के लिए) का अतिरिक्त जोड़ा गया है.

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Preeti Singh Parihar

लेखक के बारे में

By Preeti Singh Parihar

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