FIFA World Cup 2026 : कौन हैं उमर आर्टन, जिन्हें अमेरिका ने इतिहास रचने से रोक दिया
Published by : Preeti Singh Parihar Updated At : 10 Jun 2026 6:22 PM
omar artan
उमर अब्दुलकादिर आर्टन, जिन्हें वर्ष 2025 में अफ्रीका का सर्वश्रेष्ठ पुरुष रेफरी चुना गया था और जो फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमालिया के पहले रेफरी बनकर इतिहास रचने वाले थे, अमेरिका ने उन्हें अपने देश में प्रवेश देने से इंकार कर दिया है...
FIFA World Cup 2026 : पूर्वी अफ्रीका के ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ में स्थित सोमालिया को दुनिया लंबे समय तक गृहयुद्ध, अत्यधिक गरीबी, भुखमरी और राजनीतिक अस्थिरता झेलनेवाले देश के तौर पर जानती है. लेकिन, सोमालिया के बारे में जानने के लिए बहुत सी अच्छी बातें भी हैं. यह ‘कवियों का देश’ के तौर पर भी जाना जाता है और इसके पास अफ्रीका की सबसे लंबी तटरेखा है. सोमालिया इन दिनों एक अलग ही वजह से चर्चा में है, जिस पर हर सोमाली गर्व करता है. वजह हैं उमर अब्दुलकादिर आर्टन.
कौन हैं उमर अब्दुलकादिर आर्टन !

उमर अब्दुलकादिर आर्टन फीफा विश्व कप 2026 में रेफरी बनने वाले पहले सोमाली बनने वाले थे, लेकिन अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाये जाने के कारण वह अपने करियर के सबसे बड़े पल को हासिल करने से वंचित कर रह गये. वर्ष 2025 के अफ्रीकी फुटबॉल महासंघ (सीएएफ) के ‘मेल रेफरी ऑफ द ईयर’ का पुरस्कार जीतने वाले 34 वर्षीय आर्टन को मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिका में प्रवेश करने से रोक दिया गया. राजनयिक पासपोर्ट और एकल-प्रवेश अमेरिकी वीजा होने के बावजूद उन्हें मियामी में सीमा अधिकारियों द्वारा वापस भेज दिया गया. फीफा मैच अधिकारियों की सूची में शामिल किये जाने के बाद आर्टन को उनके देश के राष्ट्रपति हसन मोहम्मद ने ‘सोमालियाई लोगों की नयी पीढ़ी के लिए प्रेरणा का प्रतीक’ के रूप में सराहा था.
वैध वीजा के बावजूद नहीं मिला प्रवेश
आर्टन 6 जून को इस्तांबुल (तुर्की) से मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे थे. वहां अमेरिकी सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें ‘अतिरिक्त सुरक्षा जांच’ के लिए रोक लिया. एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने उनसे करीब 11 घंटे तक पूछताछ की. इस दौरान उनसे सोमालिया की राजनीति और वहां सक्रिय चरमपंथी संगठन ‘अल-शबाब’ को लेकर सवाल पूछे गये और उन्हें वैध वीजा होने के बावजूद फीफा मेंस वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने के लिए अमेरिका में प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया. आर्टन ने अधिकारियों को फीफा के दस्तावेज और अपने करियर की तस्वीरें भी दिखायीं, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें एक होल्डिंग सेल में रखा गया और फिर वापस इस्तांबुल जाने वाली फ्लाइट में बैठा दिया गया.
अमेरिकी प्रशासन ने दिया सुरक्षा चिंता का हवाला
मीडिया में आर्टन को अमेरिका में प्रवेश न मिलने की खबर जब सुर्खियों में आई, इसके बाद यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन ने एक बयान जारी कर कहा कि ‘जांच के बाद सुरक्षा चिंताओं के कारण उन्हें देश में प्रवेश के अयोग्य पाया गया.’ बाद में अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया कि आर्टन के कुछ संदिग्ध आतंकी संगठनों के सदस्यों से जुड़ाव या संपर्क की जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गयी, हालांकि आर्टन ने इन दावों को खारिज किया है.
सोमालिया में आर्टन का नायक की तरह स्वागत
फुटबॉल की वैश्विक संस्था फीफा ने इस मामले पर कहा है कि वह मेजबान देश की आव्रजन प्रक्रियाओं में दखल नहीं देती. फीफा विश्व कप 2026 अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको के 16 शहरों में 11 जून से 19 जुलाई तक संयुक्त रूप से आयोजित किया जायेगा. फीफा ने पुष्टि की है कि आर्टन अब इस वर्ल्ड कप में रेफरी की भूमिका नहीं निभा पायेंगे. वहीं आर्टन ने न्यू यॉर्क टाइम्स से कहा,’मैं बहुत, बहुत निराश हूं. मैं सिर्फ एक रेफरी हूं, जो अपने जीवन के सबसे बड़े सपने (वर्ल्ड कप में रेफरी बनने) को जीने की कोशिश कर रहा था. मेरे पास सारे सही कागजात और वीजा थे. मुझे लगता है कि उन्हें मेरे देश सोमालिया से कोई समस्या है.’ दरअसल, सोमालिया उन देशों में शामिल है, जिन पर अमेरिका ने कड़े यात्रा प्रतिबंध लागू कर रखे हैं. आर्टन 10 जून को वापस सोमालिया की राजधानी मोगादिशु पहुंचे, जहां समर्थकों और अधिकारियों की भीड़ ने उनका नायक की तरह स्वागत किया.
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By Preeti Singh Parihar
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