समय बढ़ेगा या नहीं? ई-केवाईसी को लेकर असमंजस, नालंदा में 5.21 लाख राशन कार्डधारी अब भी बाहर

राशन कार्ड (सांकेतिक फोटो)
Nalanda Ration Card: नालंदा जिले में राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी अभियान अब तक पूरा नहीं हो सका है. 5.21 लाख से अधिक लाभुक वंचित हैं. समय-सीमा बढ़ने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. ई-केवाईसी नहीं कराने पर राशन रुकने की आशंका जताई जा रही है.
Nalanda Ration Card: नालंदा जिले में राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी अभियान अभी पूरा नहीं हो सका है. जिले में कुल 2332067 राशन कार्डधारी हैं, जिनमें से 31 दिसंबर तक 1810376 लाभुकों ने ही ई-केवाईसी कराई है. 521691 राशन कार्डधारी अब भी ई-केवाईसी नहीं करवाए हैं.
एक जनवरी की सुबह तक भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया चलती रही, लेकिन ऑफिसियल रूप से इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर ही थी. तिथि बढ़ाने को लेकर अब तक कोई लिखित या आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, बावजूद इसके विभागीय स्तर पर यह माना जा रहा है कि ई-केवाईसी की समय-सीमा में विस्तार किया जा सकता है.
नालंदा में लगभग 22.37 प्रतिशत राशन कार्डधारी अब तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं. आंकड़ों के अनुसार कतरीसराय प्रखंड में सबसे अधिक राशन कार्डधारियों ने ई-केवाईसी कराई है, जबकि हरनौत प्रखंड ई-केवाईसी के मामले में सबसे पीछे है.
जनवरी 2026 से प्रति व्यक्ति राशन कार्डधारी को प्रति माह 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं दिए जाने की व्यवस्था लागू हो सकती है. इस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सर्कुलर या अधिसूचना जारी नहीं की गई है.
शत प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी में लगेंगे तीन माह से अधिक
नालंदा में कुल 2332067 राशन कार्डधारियों में से 1810376 लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है. वर्तमान में औसतन प्रति सप्ताह 34001 लाभुकों का ई-केवाईसी किया जा रहा है. यदि यही गति बनी रहती है, तो शेष 521691 राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी पूरा होने में लगभग 107 दिन, यानी करीब 3 माह 17 दिन, लगेंगे.
सरकार द्वारा ई-केवाईसी को अनिवार्य किए जाने के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि ई-केवाईसी नहीं कराने वाले लाभुकों का राशन रोका जा सकता है. इसको लेकर जिला प्रशासन ने राशन कार्डधारियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने-अपने क्षेत्र के जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानदारों से संपर्क कर ई-केवाईसी पूरी कराएं, ताकि उन्हें और उनके परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ नियमित रूप से मिलता रहे.
प्रखंड के लाभार्थी, ई-केवाईसी और प्रतिशत में उपलब्धि
प्रखंड- राशनकार्डधारी- ई-केवाईसी- प्रतिशत में ई-केवाईसी
अस्थावां- 145246- 113763- 78.32 प्रतिशत
बिहारशरीफ- 368830- 266059- 72.34प्रतिशत
बिंद- 60233- 48419- 80.39प्रतिशत
हरनोत- 142634- 104823- 73.49प्रतिशत
नूरसराय- 124312- 101177- 81.39प्रतिशत
रहुई- 134306- 105618- 78.64प्रतिशत
सरमेरा- 88180- 68253- 77.40प्रतिशत
चंडी- 127973- 103961- 81.24प्रतिशत
एकंगसराय- 137508- 107949- 78.50प्रतिशत
हिलसा- 166975- 132372- 79.28प्रतिशत
इस्लामपुर- 187413- 154532- 82.46प्रतिशत
करायपरसुराय- 58884- 43215- 73.39प्रतिशत
नगरनौसा- 76737- 56742- 73.94प्रतिशत
परवलपुर- 52733- 42629 -80.84प्रतिशत
थरथरी- 56345- 42832- 76.02प्रतिशत
बेन- 67365- 53925- 80.05प्रतिशत
गिरियक- 74974- 59765- 79.71प्रतिशत
कतरीसराय- 31621- 26075- 82.46प्रतिशत
राजगीर- 106472- 82793- 77.76प्रतिशत
सिलाव- 123326- 95474- 77.42प्रतिशत
टोटल- 2332067- 1810376- 77.63प्रतिशत
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क्या बोले अधिकारी
अधिकारी सोमनाथ सिंह ने कहा कि 31 दिसंबर 2025 को ई-केवाईसी की निर्धारित तिथि समाप्त हो गई थी, लेकिन कार्य अभी भी जारी है. उम्मीद है कि जल्द ही विस्तारित तिथि सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी. सभी पीडीएस संचालकों को शत-प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया गया है. साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में इस मामले पर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जाते हैं. अनुमंडलाधिकारी के माध्यम से प्रतिदिन चिन्हित पीडीएस का निरीक्षण किया जा रहा है. धीमी गति पर कई पीडीएस से स्पष्टीकरण भी मांगे गए हैं.
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लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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