डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर 1.16 करोड़ की ठगी, नालंदा-वैशाली के दो आरोपी समेत तीन गिरफ्तार

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Dec 2025 9:08 PM

विज्ञापन

AI फोटो

Digital Arrest: दिल्ली में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक बुजुर्ग महिला से 1.16 करोड़ रुपये की ठगी कर ली. मामले की जांच में दिल्ली पुलिस ने गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और ठगी की रकम की वसूली की जा रही है.

विज्ञापन

Digital Arrest: दिल्ली पुलिस ने एक बुजुर्ग महिला से 1.16 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. इन लोगों पर महिला को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवाने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला के पति सरकारी कर्मचारी थे, जिनका निधन हो चुका है. महिला अकेली रहती हैं और उनकी बेटी विदेश में रहती है.

इसी बात का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने उन्हें अपना शिकार बनाया. 25 अप्रैल को आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बताया. कॉल के दौरान उन्होंने महिला को फर्जी गिरफ्तारी आदेश दिखाया और कहा कि उनके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज है.

क्या है मामला

आरोपियों ने महिला पर दबाव बनाया और धमकी दी कि अगर उन्होंने तुरंत पैसे नहीं दिए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. डर और घबराहट में बुजुर्ग महिला बैंक गईं और आरटीजीएस के माध्यम से कुल 1.16 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए.

जांच में पुलिस को पता चला कि ठगी की गई रकम में से करीब 1.10 करोड़ रुपये हिमाचल प्रदेश में स्थित एक एनजीओ के चालू खाते में जमा कराए गए थे. यह खाता असल में बिहार के पटना से साइबर ठगों द्वारा चलाया जा रहा था. पुलिस उपायुक्त (Deputy Commissioner of Police) आदित्य गौतम ने बताया कि इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की गई.

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी प्रभाकर कुमार ने मोबाइल फोन में एक एपीके फाइल इंस्टॉल की थी. इस फाइल के जरिए फर्जी बैंक खातों से जुड़े सिम कार्ड एक्टिव किए जाते थे, जिससे ठगी के पैसे आसानी से इधर-उधर भेजे जा सकें.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

पुलिस ने क्या बताया

पुलिस ने बताया कि इस बैंक खाते के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले से ही 32 शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें करीब 24 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बिहार और हिमाचल प्रदेश में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया.

अब तक ठगी की गई रकम में से 17 लाख रुपये पीड़िता को वापस मिल चुके हैं. बाकी राशि की वसूली के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है. यह मामला लोगों के लिए चेतावनी है कि किसी भी डराने वाली कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस से संपर्क करें.

इसे भी पढ़ें: लालू यादव की जब्त की गई संपत्ति पर स्कूल और अनाथालय बनाना चाहिए, सम्राट चौधरी के बयान का जदयू ने किया समर्थन

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन