समय बढ़ेगा या नहीं? ई-केवाईसी को लेकर असमंजस, नालंदा में 5.21 लाख राशन कार्डधारी अब भी बाहर
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 01 Jan 2026 6:17 PM
राशन कार्ड (सांकेतिक फोटो)
Nalanda Ration Card: नालंदा जिले में राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी अभियान अब तक पूरा नहीं हो सका है. 5.21 लाख से अधिक लाभुक वंचित हैं. समय-सीमा बढ़ने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. ई-केवाईसी नहीं कराने पर राशन रुकने की आशंका जताई जा रही है.
Nalanda Ration Card: नालंदा जिले में राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी अभियान अभी पूरा नहीं हो सका है. जिले में कुल 2332067 राशन कार्डधारी हैं, जिनमें से 31 दिसंबर तक 1810376 लाभुकों ने ही ई-केवाईसी कराई है. 521691 राशन कार्डधारी अब भी ई-केवाईसी नहीं करवाए हैं.
एक जनवरी की सुबह तक भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया चलती रही, लेकिन ऑफिसियल रूप से इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर ही थी. तिथि बढ़ाने को लेकर अब तक कोई लिखित या आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, बावजूद इसके विभागीय स्तर पर यह माना जा रहा है कि ई-केवाईसी की समय-सीमा में विस्तार किया जा सकता है.
नालंदा में लगभग 22.37 प्रतिशत राशन कार्डधारी अब तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं. आंकड़ों के अनुसार कतरीसराय प्रखंड में सबसे अधिक राशन कार्डधारियों ने ई-केवाईसी कराई है, जबकि हरनौत प्रखंड ई-केवाईसी के मामले में सबसे पीछे है.
जनवरी 2026 से प्रति व्यक्ति राशन कार्डधारी को प्रति माह 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं दिए जाने की व्यवस्था लागू हो सकती है. इस संबंध में सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सर्कुलर या अधिसूचना जारी नहीं की गई है.
शत प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी में लगेंगे तीन माह से अधिक
नालंदा में कुल 2332067 राशन कार्डधारियों में से 1810376 लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है. वर्तमान में औसतन प्रति सप्ताह 34001 लाभुकों का ई-केवाईसी किया जा रहा है. यदि यही गति बनी रहती है, तो शेष 521691 राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी पूरा होने में लगभग 107 दिन, यानी करीब 3 माह 17 दिन, लगेंगे.
सरकार द्वारा ई-केवाईसी को अनिवार्य किए जाने के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि ई-केवाईसी नहीं कराने वाले लाभुकों का राशन रोका जा सकता है. इसको लेकर जिला प्रशासन ने राशन कार्डधारियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने-अपने क्षेत्र के जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानदारों से संपर्क कर ई-केवाईसी पूरी कराएं, ताकि उन्हें और उनके परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ नियमित रूप से मिलता रहे.
प्रखंड के लाभार्थी, ई-केवाईसी और प्रतिशत में उपलब्धि
प्रखंड- राशनकार्डधारी- ई-केवाईसी- प्रतिशत में ई-केवाईसी
अस्थावां- 145246- 113763- 78.32 प्रतिशत
बिहारशरीफ- 368830- 266059- 72.34प्रतिशत
बिंद- 60233- 48419- 80.39प्रतिशत
हरनोत- 142634- 104823- 73.49प्रतिशत
नूरसराय- 124312- 101177- 81.39प्रतिशत
रहुई- 134306- 105618- 78.64प्रतिशत
सरमेरा- 88180- 68253- 77.40प्रतिशत
चंडी- 127973- 103961- 81.24प्रतिशत
एकंगसराय- 137508- 107949- 78.50प्रतिशत
हिलसा- 166975- 132372- 79.28प्रतिशत
इस्लामपुर- 187413- 154532- 82.46प्रतिशत
करायपरसुराय- 58884- 43215- 73.39प्रतिशत
नगरनौसा- 76737- 56742- 73.94प्रतिशत
परवलपुर- 52733- 42629 -80.84प्रतिशत
थरथरी- 56345- 42832- 76.02प्रतिशत
बेन- 67365- 53925- 80.05प्रतिशत
गिरियक- 74974- 59765- 79.71प्रतिशत
कतरीसराय- 31621- 26075- 82.46प्रतिशत
राजगीर- 106472- 82793- 77.76प्रतिशत
सिलाव- 123326- 95474- 77.42प्रतिशत
टोटल- 2332067- 1810376- 77.63प्रतिशत
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क्या बोले अधिकारी
अधिकारी सोमनाथ सिंह ने कहा कि 31 दिसंबर 2025 को ई-केवाईसी की निर्धारित तिथि समाप्त हो गई थी, लेकिन कार्य अभी भी जारी है. उम्मीद है कि जल्द ही विस्तारित तिथि सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से जारी की जाएगी. सभी पीडीएस संचालकों को शत-प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया गया है. साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में इस मामले पर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए जाते हैं. अनुमंडलाधिकारी के माध्यम से प्रतिदिन चिन्हित पीडीएस का निरीक्षण किया जा रहा है. धीमी गति पर कई पीडीएस से स्पष्टीकरण भी मांगे गए हैं.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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