नालंदा जिला का पावापुरी रोङ स्टेशन आर्थिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होते हुए, आज भी उपेक्षा का शिकार है

Edited by Vivek Singh
Updated:
विज्ञापन

पावापुरी रोड स्टेशन

Bihar News: बिहारशरीफ -बख्तियारपुर- राजगीर रेलखंड के बीच स्थित पावापुरी रोङ स्टेशन आर्थिक और धार्मिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण होते हुए आज भी उपेक्षा के शिकार है. 1962 में बने इस स्टेशन से उतरकर जहां बङी संख्या में जैन धर्मालंवी पावापुरी , हिन्दु धर्मालंवी घोसरावॉ स्थित मां आशापुरी मंदिर जाते है वही नालंदा ,नवादा ,शेखपुरा जिले के अलावे बिहारशरीफ के पश्चिम-दक्षिण के यात्री बङी संख्या में आकर गन्तव्य स्थान के लिए प्रस्थान करते हैं.

विज्ञापन

Bihar News🙁अमर वर्मा) बिहारशरीफ -बख्तियारपुर- राजगीर रेलखंड के बीच स्थित पावापुरी रोङ स्टेशन आर्थिक और धार्मिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण होते हुए आज भी उपेक्षा के शिकार है. 1962 में बने इस स्टेशन से उतरकर जहां बङी संख्या में जैन धर्मालंवी पावापुरी , हिन्दु धर्मालंवी घोसरावॉ स्थित मां आशापुरी मंदिर जाते है वही नालंदा ,नवादा ,शेखपुरा जिले के अलावे बिहारशरीफ के पश्चिम-दक्षिण के यात्री बङी संख्या में आकर गन्तव्य स्थान के लिए प्रस्थान करते हैं.

इसके बावजूद स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का हाल बेहद खराब है. यहां वर्तमान में दो प्लेटफार्म है पर प्लेटफार्म पर सुविधा के नाम पर विना छतरी बाला कुछ मेज बना हुआ है वह भी जर्जर स्थिति में. एक नंवर प्लेटफार्म पर बने चार शौचालय शोभा की बस्तु वनकर रहा गया है शौचालय खाका बनाया गया पर लगभग 1 वर्ष से सीट तक नही लगाया गया और न ही स्टेशन को हैंड ओभर किया गया इस कारण यात्रीयो को खासकर महिलाओ को काफी परेसानी का सामना करना पङता है.

जान जोखिम में डाल कर प्लेटफार्म पार करते हैं यात्री
उपरी पुल नही रहने के कारण ट्रेन पकङने बाले यात्री जान को जोखिम में डालकर पार करते हैं कई बार दुर्घटना होते होते यहां यात्री बचे हैं

इस रेलखंड पर राजस्व के मामले में रखता था तीसरा स्थान

इस स्टेशन से रेलवे को अच्छी आमदनी भी होती थी राजगीर, बिहारशरीफ के बाद यहां टिकट की विक्री में स्थान बनाये हुए था .
कोरोनाकाल के पूर्व सभी ट्रेन का होता था ठहराव

परंतु कोरोनाकाल के पूर्व में रूकने बाले ट्रेन को स्टॉपेज बंद कर दिया गया जिसे आज तक चालू नही किया गया जिससे स्टेशन की आमदनी कम गई. आज के समय में मुख्य रूप से राजगीर से मुंबई तक जाने बाली लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, कोरमा बैशाली एक्सप्रेस, पलामू एक्सप्रेस, राजगीर हावङा फास्ट पैसेंजर, अजिमावाद एक्सप्रेस सहित कई गाड़ियों का ठहराब नही देने से इस स्टेशन की आमदानी कमने के साथ यात्रीयों को परेसानी का सामना करना पङ रहा है. जबकि रिज़र्वेशन के लिए भी यहां दुर दुर से लोग यंहा आकर आरक्षित टिकट लेते है
इस तरह कह सकते हैं कि मुस्कान के साथ रेल यात्रा” का रेलवे का दावा यहां कागजों तक सीमित नजर आता है.
18 दिसम्बर 2014 को मंडल रेल प्रवंधक एन के गुप्ता एवं महाप्रबंधक मधुरेश कुमार ने स्टेशन शौदर्यकरण की नीव रखी जिसका शिलान्यास 15 नवंबर 2019 को सांसद कौशलेन्द्र कुमार, बिहार के तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, विधायक रवि ज्योति कुमार द्बारा किया गया था परन्तू आज तक स्थिति जस के तस बनी हुई है .

जर्जर रास्ते से स्टेशन आते हैं यात्री

पावापुरी रोड स्टेशन आने के लिए जर्जर सङक से होकर सङक हाल यह है कि सङक के बीच बीच में गड्ढा बन गया है . इसी रास्ते से यात्रीगण गुजरते हैं इस रासते बाली सङक पर टोटो , ट्रक , ट्रैक्टर लगाकर रखने से यात्रीयों को काफी परेशानी होती है फिर भी ना तो रेल अधिकारी इसपर ध्यान देते है और ना जिला प्रशासन

विज्ञापन
Vivek Singh

लेखक के बारे में

By Vivek Singh

विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन