Antilia Case: तीन अप्रैल तक बढ़ी सचिन वाजे की NIA हिरासत, बोले- मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है

Antilia-Sachin Vaze Case मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे को 3 अप्रैल तक के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में भेजा गया है. इससे पहले मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे को स्पेशल एनआईए कोर्ट लाया गया. सचिन वाजे ने स्पेशल एनआईए कोर्ट के सामने कहा कि उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है. एनआईए ने महाराष्ट्र पुलिस से निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं लगाई हैं.
Antilia-Sachin Vaze Case मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे को 3 अप्रैल तक के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में भेजा गया है. इससे पहले मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे को स्पेशल एनआईए कोर्ट लाया गया. सचिन वाजे ने स्पेशल एनआईए कोर्ट के सामने कहा कि उसे बलि का बकरा बनाया जा रहा है. एनआईए ने महाराष्ट्र पुलिस से निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं लगाई हैं.
एनआईए ने बुधवार को विशेष एनआईए अदालत को इस मामले में यूएपीए की धाराएं जोड़ने की जानकारी देते हुए अर्जी दाखिल की थी. मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मुंबई पुलिस में सहायक निरीक्षक वाजे पर यूएपीपीए की धारा 16 और 18 के तहत आरोप लगाए गए हैं. बता दें कि एनआईए वाजे से लगातार पूछताछ कर रही है. पुलिस सूत्रों की मानें तो सचिन वाजे अभी भी कई गंभीर खुलासे कर सकते हैं.
दरअसल, मुंबई में 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के निकट एक कार से विस्फोटक बरामद हुए थे. इस मामले में सचिन वाजे एनआईए की हिरासत में हैं. एजेंसी मनसुख हिरन की हत्या के मामले की भी जांच कर रही है. इन सबके बीच, एंटीलिया विस्फोटक मामले और उसी से जुड़े मनसुख हिरेन हत्याकांड केस (Mansukh Hiren Death Case) में एक नया मोड़ आ गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस को यह अंदेशा है कि मनसुख हिरेन की हत्या के वक्त निलंबित पुलिस अधिकारी सचिन वाजे मौके पर भी मौजूद थे.
एटीएस ने जो रिपोर्ट की कॉपी एनआईए को सौंपी है, उसके मुताबिक मनसुख की मौत के बाद सचिन वाजे मुंबई आए थे. फिर साउथ मुंबई के डोंगरी इलाके में स्थित टिप्सी बार में रेड करने का नाटक रचा. ताकि अगर मनसुख हिरेन की हत्या मामले की कोई जांच भी हो तो वो जांच की दिशा को ये कहकर भटका सके कि वो तो उस रात मुंबई के डोंगरी इलाके में थे. बता दें कि हिरन का शव पांच मार्च को ठाणे में एक नहर से मिला था. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 20 मार्च को इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी थी. मगर एटीएस की जांच भी जारी थी. एटीएस ने दो दिन पहले दावा किया था कि उसने हिरन की मौत की गुत्थी सुलझा ली है.
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