ग्राम विकास की योजनाओं को लेकर दिया गया प्रशिक्षण

नारायणपुर. प्रखंड सभागार में अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम विकास योजनाओं पर चल रहे प्रशिक्षण का समापन बुधवार को हुआ.
प्रतिनिधि, नारायणपुर. प्रखंड सभागार में अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम विकास योजनाओं पर चल रहे प्रशिक्षण का समापन बुधवार को हुआ. प्रशिक्षण में वार्ड सदस्यों को ग्राम विकास की योजनाएं बनाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. बतौर प्रशिक्षक सोहराब अली और प्रखंड समन्वयक नरेश सोरेन मौजूद रहे. प्रशिक्षकों ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा स्वशासन की सबसे शक्तिशाली इकाई है. इसे भूमि हस्तांतरण रोकने, खनन पट्टे या पूर्वेक्षण लाइसेंस पर निर्णय देने और लघु वनोपज का स्वामित्व रखने का अधिकार है. सामुदायिक जंगल संसाधनों के उपयोग और संरक्षण में भी ग्रामसभा की अहम भूमिका है. ग्राम सभा शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, भूमि सुधार, कुटीर उद्योग और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा कर निर्णय लेती है. वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकारों की प्रकृति और सीमा तय करने का अधिकार भी ग्रामसभा को प्राप्त है. कहा कि वार्ड सदस्यों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक कर सशक्त बनाना ही इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है. पेसा अधिनियम के महत्व पर जोर देते हुए बताया गया. यह कानून आदिवासी समुदायों को शोषण से बचाने और उन्हें स्वशासन के माध्यम से सशक्त बनाने का मजबूत आधार है. प्रशिक्षण में विभिन्न वार्ड सदस्य मौजूद थे.
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