Sasaram News : खेल मैदान पर किया कब्जा, आवाजाही पर रोक
Published by : PRABHANJAY KUMAR Updated At : 31 Aug 2025 9:18 PM
करीब सात वर्ष पूर्व कल्याणपुर सीमेंट फैक्ट्री जब यहां पर अवस्थित थी, तो फैक्ट्री के अंदर श्रम संसाधन विभाग का जमीन जो खेल मैदान के नाम से जाना जाता था
अकबरपुर. करीब सात वर्ष पूर्व कल्याणपुर सीमेंट फैक्ट्री जब यहां पर अवस्थित थी, तो फैक्ट्री के अंदर श्रम संसाधन विभाग का जमीन जो खेल मैदान के नाम से जाना जाता था, उस पर दो पंचायत के नौजवानों का खेल से लेकर हर तरह के प्रोग्राम आयोजित हुआ करते थे. डालमिया (भारत) सीमेंट फैक्ट्री के आते ही दोनों पंचायत के खिलाड़ियों व बड़े बुजुर्ग का योग स्थल माने जाने वाला यह मैदान फैक्ट्री द्वारा कब्जा कर लिया गया और आवाजाही पर रोक लगा दी गयी. डालमिया फैक्ट्री द्वारा क्षेत्र के लोगों को वैसे तो कई परेशानियां झेलनी पड़ रही है, मगर उसके साथ-साथ खेल मैदान के भी लाले पड़ गये हैं. समहुता पंचायत के निवासी मजदूर नेता रिंकू सिंह ने बताया कि खिलाड़ियों व सुबह के समय टहलने वाले लोग, दौड़ने वाले लोग, डिफेंस की तैयारी करने वाले विद्यार्थी, योग करने वाले जनता की समस्या के साथ दो पंचायतों के लगभग आधा आबादी खेलकूद व टहलने से वंचित रह जा रहा है. क्योंकि, डालमिया सीमेंट के मैनेजमेंट द्वारा खेल मैदान को पूरी तरह से बंद कर मैदान को अपने कब्जे में ले लिया गया है. एक समय में इस खेल मैदान में दुर्गापूजा का पंडाल बनाया जाता था और धूमधाम से त्योहार मनाया जाता था, जिसमें ग्राम पंचायत व क्षेत्र के सभी लोग शामिल होते थे. मगर अब सब कुछ पूरी तरह से बंद हो चुका है. इस खेल मैदान की बगल में श्रम कल्याण केंद्र का एक बहुत बड़ा भवन है. इस भवन का उपयोग ग्राम पंचायत के लोग व मजदूर भाई सार्वजनिक रूप से किया करते थे. उसको भी कंपनी मैनेजमेंट द्वारा निजी संपत्ति बना लिया गया है, जिसके कारण अपने पंचायत के लोग व मजदूरों का कोई भी सामूहिक कार्यक्रम नहीं हो पता है. वहीं, रोहतास प्रखंड की जिला पार्षद कंचन कुमारी ने बताया कि पत्राचार के माध्यम से सांसद को पत्र लिखकर खेल मैदान को आजाद करने के लिए कहा गया है. क्योंकि, यह श्रम संसाधन की जमीन है और उसके सदस्य सांसद भी होते हैं. लेकिन डालमिया जबरन कब्जे कर लोगों को आवाजाही पर रोक लगाया गया है, यह क्षेत्र की जनता के लिए अच्छी बात नहीं है. हम चाहते हैं कि खेल प्रेमियों को और नौजवानों को फैक्ट्री में खेल मैदान तक जाने के लिए रोक हटायी जाए और पूर्व की भांति सभी को इस मैदान का इस्तेमाल करने की छूट मिले. फैक्ट्री के प्रबंधक अगर समस्या का समाधान नहीं करते हैं, तो संवैधानिक तरीके से हम लोग इसकी आवाज आगे तक ले जायेंगे. इस संदर्भ में पर्सनल हेड संजय झा से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया.
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