कृषि प्रदर्शनी में कृषि उत्पाद व हस्तशिल्प जमा करने के लिए उमड़ी भीड़

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बौंसी. ऐतिहासिक बौंसी मेला के शुभारंभ से पूर्व कृषि प्रदर्शनी को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए किसानों, स्वयं सहायता

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बौंसी. ऐतिहासिक बौंसी मेला के शुभारंभ से पूर्व कृषि प्रदर्शनी को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए किसानों, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कलाकारों और कारीगरों की भारी भीड़ मंगलवार को कृषि प्रदर्शनी में लगी रही. कृषि उत्पादों के साथ-साथ पेंटिंग, हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाकृतियां व घरेलू उत्पाद जमा कराने का सिलसिला दिनभर जारी रहा. जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावे झारखंड के समीप वर्ती इलाकों से कृषि प्रदर्शनी में इस वर्ष उन्नत किस्म के अनाज, दलहन, तिलहन, सब्जियां, फल-फूल, जैविक उत्पाद, औषधीय पौधे को किसानों ने जमा किया. अपनी उपज को प्रदर्शनी में शामिल कराने को लेकर किसानों में उत्साह दिखा. वहीं, स्थानीय छात्र-छात्राओं,महिलाओं और पुरुषों के तैयार किये गये हस्तनिर्मित उत्पाद, सजावटी वस्तुएं, पेंटिंग व पारंपरिक हस्तशिल्प भी आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं. बताया गया कि चयनित प्रतिभागियों को मंदार महोत्सव के समापन पर मंच से सम्मानित किया जायेगा. कृषि प्रदर्शनी परिसर में आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित सामग्री प्रदर्शित की जायेगी. इसके अलावा विभिन्न विभागों ने भी यहां पर अपने-अपने स्टाल लगाये हैं. जिनमें स्वास्थ्य, बाल विकास परियोजना, कृषि, गव्य, पशुपालन, मत्स्य सहित अन्य विभागों के अलावे मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन में भी अपना स्वास्थ्य शिविर लगाया है. जहां मरीजों की मुफ्त जांच की जायेगी और उन्हें दवा दी जायेगी. कृषि विभाग और प्रशासन की ओर से प्रदर्शनी स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गयी हैं. कृषि विभाग के पदाधिकारी और कर्मचारी उत्पादों के पंजीकरण, वर्गीकरण के बाद उन्हें चयनित स्थलों में सुरक्षित तरीके से रख दिये हैं. अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनी का उद्देश्य किसानों और कारीगरों को मंच प्रदान करना, उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाना और आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. दूसरी ओर स्थानीय लोगों का कहना है कि बौंसी मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि कृषि, कला और संस्कृति का संगम है. यह मेला किसानों और कारीगरों के लिए अपनी मेहनत और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने का भी बेहतर स्थल है.

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सुभाष वैद्य

लेखक के बारे में

By सुभाष वैद्य

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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