पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करने पर जोर

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आत्मसात करने पर जोर
कटिहार युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार की इकाई मेरा युवा भारत कटिहार की ओर से गुरुवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मनायी गयी. निजी विद्यालय में आयोजित दीनदयाल उपाध्याय जयंती में मुख्य अतिथि प्रणव कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती 25 सितंबर को अंत्योदय दिवस के रूप में मनायी जाती है. वे एक भारतीय राजनीतिज्ञ और विचारक थे, जो एकात्म मानववाद की अपनी अवधारणा के लिए जाने जाते थे और अपने अंत्योदय दर्शन के माध्यम से सबसे गरीब लोगों के उत्थान के पक्षधर थे. उनका योगदान सांस्कृतिक-राष्ट्रीय मूल्यों, विकेंद्रीकृत आर्थिक विकास और सामाजिक समानता पर केंद्रित था. संगठन के एमटीएस बिक्रम कुमार मंडल ने बताया कि भारत वर्ष की महान और गौरवशाली संस्कृति को समय-समय पर अनेक महापुरूषों ने अपने चिंतन एवं दर्शन से समृद्ध किया है. एक महान और आदर्श व्यक्तित्व पंडित दीनदयाल उपाध्याय है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव सेवा, समाज सेवा और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया. पंडित दीनदयाल आधुनिक भारत के एक संत तुल्य व्यक्तित्व थे. उनका सामाजिक, आर्थिक, दार्शनिक, आध्यात्मिक और राजनैतिक चिंतन, राष्ट्रवाद और सामाजिक समानता पर आधारित था. वसुधैव कुटुम्बकम की भावना पर आधारित उनका एकात्म मानववाद का दर्शन आधुनिक संदर्भ में आज भी मानव जाति के लिए पथ प्रदर्शक है. कार्यक्रम में शिक्षक मनोज कुमार, वीरू कुमार सिन्हा, माय भारत युवा स्वयंसेवक कुणाल कुमार, आशुतोष कुमार एवं सभी छात्र छात्राएं उपस्थित थे.
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