नहर ध्वस्त होने से नहीं मिल रहा पानी, तीन गांव के किसान परेशान

मसरिया डैम से गोया, गोमट व अंबाटोली में इसी नहर से सिंचाई के लिए पहुंचता है पानी
मसरिया डैम से गोया, गोमट व अंबाटोली में इसी नहर से सिंचाई के लिए पहुंचता है पानी गुमला. घाघरा प्रखंड के गोया, गोमट व अंबाटोली गांव के किसान संकट में हैं. इसकी वजह है खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए बनायी गयी नहर का ध्वस्त होना. किसानों को डर सता रहा है कि 100 एकड़ से अधिक खेत में लगी धान की फसल को नुकसान हो सकता है. जनवरी 2025 में ही नहर क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसे बनाने की मांग की गयी थी, परंतु जल संसाधन विभाग ने ध्यान नहीं दिया. नतीजा 23 सितंबर की बारिश में नहर ध्वस्त हो गयी. मसरिया डैम से गोया, गोमट व अंबाटोली में सिंचाई के लिए पानी पहुंचता है. परंतु कई जगहों पर नहर क्षतिग्रस्त हो गयी है, जिससे खेतों तक पानी पहुंचने से पहले ही पानी बेवजह टूटी नहर से बह कर बर्बाद हो जा रहा है. जनवरी माह में नहर के कारण ही गेंहू की फसल बर्बाद हो गयी थी. खेतों तक पानी नहीं पहुंचने से यह किसानों के लिए बिग इश्यू बन गया है. किसानों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त नहर को दुरुस्त कर खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग की है, जिससे गेहूं की फसल को बचाया जा सके. किसानों ने उपलब्ध कराया वीडियो : गांव के किसानों ने क्षतिग्रस्त नहर व ध्वस्त नहर का वीडियो व फोटो प्रभात खबर को उपलब्ध कराया है. किसानों द्वारा उपलब्ध कराये गये वीडियो व फोटो में कई जगह नहर क्षतिग्रस्त है. यहां तक की नहर सूखी भी है. मसरिया डैम से पानी छोड़ने के बाद पानी बह कर बर्बाद हो रहा है. किसानों ने प्रशासन से मांग किया है कि एक बार हमारे गांव में आकर नहर की स्थिति व खेतों तक पानी नहीं पहुंचने से हो रही परेशानी को देख लें. किसानों ने कहा, हमारी मदद करें प्रशासन गोया गांव के किसान बबलू खान, रमजान खान, हसन खान, मंगरा उरांव, एतवा उरांव, करमा उरांव, शाहिद खान, क्यूम खान, मझर इमाम, गोमट गांव के किसान सोमा उरांव, रूपेश्वर सिंह, अनिल सिंह, महावीर साहू, बिंदेश्वर साहू, अंबाटोली के किसान रास बिहारी पाल सिंह, फकीरा उरांव, करमा उरांव ने कहा है कि हमारे गांव कृषि के क्षेत्र में अग्रणी है. परंतु हाल के कुछ महीनों से नहर से पानी खेत तक नहीं पहुंच रहा है, जिससे गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा था. घर की पूंजी जनवरी माह में बर्बाद हो गयी थी. इस प्रकार फसल बर्बाद होती रही, तो आर्थिक संकट उत्पन्न हो जायेगा. ————————— गोया, गोमट व अंबाटोली गांव के किसानों की जीविका का मुख्य साधन खेती-बारी है. मसरिया डैम से पानी मिलता है. परंतु नहर टूटने से पानी नहीं मिल रहा है. अभी बारिश ठीक है. इसलिए किसी प्रकार काम चल रहा है. प्रशासन से अनुरोध है कि आने वाली खरीफ फसल से पहले नहर की मरम्मत करा दें. बबलू खान (किसान, गोया गांव)
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




